- छत से टपकता है पानी, लाइट की व्यवस्था न पानी का इंतजाम
संवाद न्यूज एजेंसी
करनाल। कर्ण स्टेडियम में बना फेंसिंग हॉल इतना जर्जर हो चुका है कि इसकी दीवारों में दरारें आ गई हैं। वहीं इस हॉल की छत पर उगे पेड़ भी इस भवन को क्षतिग्रस्त कर रहे हैं। बारिश के दिनों में इसकी छत से पानी टपकता है। वहीं हॉल में मौसम के खराब होते ही सन्नाटा पसर जाता है। यहां न तो लाइट की व्यवस्था है और न ही पीने के पानी और शौचालय की।
खिलाड़ियों को इस जर्जर हॉल में अभ्यास कराया जा रहा है। तलवारबाजी के खिलाड़ियों को अभ्यास के लिए बेहतर उपकरण नहीं मिल पा रहे हैं। ऐसे में खिलाड़ियों के लिए बिना उपकरणों के तैयारी करना चुनौती है। करीब तीन वर्ष पहले मुख्य कोच सत्यवीर पोसवाल यहां खिलाड़ियों को निरंतर अभ्यास कराते थे, तो स्टेडियम के फेंसिंग हॉल सभी तरह की खेल सामग्री व सुविधाएं उपलब्ध रहती थी। उनके मुख्यालय पर जाने के बाद यहां न तो कोई खेल सामग्री आई और न ही यहां का कोई खिलाड़ी बड़े स्तर पर पदक लेकर ही आया। साथ में हॉल के दरवाजे व खिड़कियां भी टूट चुकी हैं। इन दरवाजों में लगी जाली पूरी तरह से गल चुकी है। बारिश के मौसम में यहां खिलाड़ी अभ्यास नहीं कर पाते।
एक कोच के सहारे खिलाड़ी
कर्ण स्टेडियम में एकमात्र तलवारबाजी कोच के सहारे सभी खिलाड़ी हैं। हालांकि यह जूनियर कोच लोकल होने के कारण सुबह व शाम को अभ्यास कराने के साथ-साथ छुट्टी के दिन भी खिलाड़ियों को अभ्यास कराते हैं। वहीं इस सत्र की नई नर्सरी शुरू होने से लड़कों के साथ-साथ लड़कियां भी इस खेल में काफी रुचि दिखा रही हैं। इस खेल में जिला स्तर पर अपने हुनर को विकसित करके खिलाड़ी राज्य स्तर पर होने वाली प्रतियोगिताओं में प्रतिभाग करते हैं।
फेंसिंग हॉल को तोड़कर बैडमिंटन हॉल बनाने बारे मुख्यमंत्री की ओर से घोषणा की गई है। तलवारबाजी व जिम्नास्टिक के खिलाड़ियों को साइबर थाना के सामने स्मार्ट सिटी परियोजना से बने नए भवन में शिफ्ट किया जाना है। स्मार्ट सिटी से जितने भी भवन यहां बनाए गए हैं, वह सभी अधूरे हैं इस कारण से खिलाड़ियों को इसका लाभ नहीं मिल पा रहा है। इनका कार्य पूरा होते ही खिलाड़ियों को यह हॉल सुपुर्द कर दिए जाएंगे।
- राकेश पांडेय, उपनिदेशक खेल एवं जिला खेल अधिकारी, करनाल