संवाद न्यूज एजेंसी
करनाल। आंधी झेल पाने में बिजली निगम के खंभे व ट्रांसफार्मर फेल साबित हो रहे है। वहीं 17 अप्रैल से 21 मई तक चार बार आए अंधड़ से निगम के 643 खंभे व 247 ट्रांसफार्मर क्षतिग्रस्त हुए हैं। वहीं बिजली लाइनों में खराबी आने, ब्रेक डाउन के कारण गर्मी व उमस भरे मौसम में उपभोक्ताओं को परेशानी का सामना करना पड़ा है।
शहर में अप्रैल से अभी तक चार बार आए अंधड़ में बिजली निगम के सभी इंतजाम व व्यवस्था फेल नजर आई। चार बार आए तेज अंधड़ में निगम को दो करोड़ 51 लाख 14 हजार 108 रुपए उड़ गए यानि निगम को इतना नुकसान हुआ। अंधड़ से जहां 643 खंभे व 247 ट्रांसफार्मर क्षतिग्रस्त हुए, वहीं लाइनों के क्षतिग्रस्त होने से उपभोक्ताओं को गर्मी के मौसम में घंटे भर बिजली आने का इंतजार भी करना पड़ा।
हर बार आंधी या बरसात में निगम के खंभे व ट्रांसफार्मर क्षतिग्रस्त होना निगम की अधूरी व्यवस्थाओं की ओर संकेत करता है। वहीं गर्मी के बढ़ते ही स्मार्ट मीटर जल रहे है और कई जगहों पर बरसात में लाइनों में स्पार्किंग होकर आग भी लग रही है। वहीं शहर व गांवों के अधिकतर क्षेत्रों में बिजली निगम की ओर से समय पर पेड़ों की कटाई न होने से लाइनें आंधी आते ही बिजली लाइनें क्षतिग्रस्त हो रही है।
बुधवार को आए तेज अंधड़ से जहां जिलेभर में 1470 पेड़ गिरे वहीं निगम के 421 खंभे व 130 ट्रांसफार्मर भी क्षतिग्रस्त हुए। आधे घंटे तक आए तेज अंधड़ से निगम को करीब एक करोड़ 25 लाख रुपए का नुकसान हुआ तो लोगों को भी देहात में नौ घंटो और शहर में चार घंटे तक बिजली का इंतजार करना पड़ा।
आंधी या बरसात के बाद निगम की अधूरी व्यवस्थाओं का दंश जिला के लोगों को झेलना पड़ता है। बिजली लाइनों, खंभों, ट्रांसफार्मर के क्षतिग्रस्त होने से घंटों भर बत्ती गुल रहती है इससे लोगों को गर्मी के मौसम ज्यादा परेशानी होती है। उमस भरे मौसम में जहां पंखों से लोगों का गुजारा नहीं होता वहीं पानी की आपूर्ति न होने से परेशानी ज्यादा बढ़ जाती है। ऐसी स्थिति में बुजुर्ग व बच्चों की देखभाल में ज्यादा समस्या आती है।