संवाद न्यूज एजेंसी
करनाल। कर्ण लेक पर पीसी एंड पीएनडीटी एक्ट के तहत कार्यशाला का आयोजन जिला समुचित प्राधिकरण के चेयरपर्सन एवं सिविल सर्जन डॉ लोकवीर की अध्यक्षता में हुआ। नोडल अधिकारी पीएनडीटी डॉ. शीनू चौधरी ने बताया कि वर्ष 2024 में लिंगानुपात 926 होने पर जिला करनाल हरियाणा राज्य में तीसरे स्थान पर रहा है।
कार्यशाला में सीएम सेल हरियाणा से जीएल सिंघल ने मुख्य अतिथि के तौर पर भाग लिया। जिला में पीसी एंड पीएनडीटी एक्ट के अन्तर्गत रजिस्टर्ड अल्ट्रासाउंड केंद्रों के मालिक व ऑपरेटर शामिल हुए। इसके अतिरिक्त जिला न्यायवादी डॉ. पंकज भी इस वर्कशॉप में उपस्थित रहे। सिविल सर्जन डॉ. लोकवीर ने बताया कि इस वर्कशॉप का मुख्य उद्देश्य पीसी एंड पीएनडीटी एक्ट के अन्तर्गत सभी रजिस्टर्ड केन्द्रों द्वारा पीएनडीटी एक्ट की पालना है। जैसे फॉर्म एफ को सही प्रकार से भरना, अपने केंद्र के रिकॉर्ड का सही रखरखाव, प्रत्येक माह की पर तारीख तक अपने केंद्र की रिपोर्ट कार्यालय में भिजवाना इत्यादि रहे।
नोडल अधिकारी पीएनडीटी डॉ. शीनू चौधरी ने बताया कि जिला करनाल में सबसे पहले गर्भवती महिलाओं के अल्ट्रासाउंड, एमटीपी के दौरान एमसीटीएस नंबर लेना अनिवार्य किया गया था ताकि जिला में अवैध रूप से होने वाले गर्भपात अथवा अवैध लिंग जांच पर काबू पाया जा सके।
हरियाणा के सभी जिलों में गर्भवती महिलाओं के अल्ट्रासाउंड, एमटीपी के दौरान एमसीटीएस नंबर लेना अनिवार्य कर दिया गया। उन्होंने बताया कि अवैध लिंग जांच करने वालों के विरुद्ध सूचना देने व सूचना सही पाए जाने पर सरकार की हिदायतों अनुसार एक लाख रुपये की नकद राशि गुप्त रूप से दी जाएगी तथा सूचना देने वाले का नाम गुप्त रखा जाएगा।