कस्बे और आसपास के गांवों में वायरल व मलेरिया बुखार के साथ डेंगू बुखार ने पांव पसारने शुरू कर दिए हैं। शहर में मार्केट कमेटी के सचिव व नई अनाज मंडी के पूर्व प्रधान के पुत्र सहित आधा दर्जन लोगों को डेंगू होने की पुष्टि हो चुकी है। जिससे लोगों में दहशत का माहौल बन गया है। उधर, सरकारी अस्पतालों में डॉक्टरों के पास फॉगिंग करने की कोई व्यवस्था नहीं है।
पिछले काफी दिनों से शहर व गांवों में वायरल बुखार, मलेरिया व डेंगू बुखार होने की पुष्टि हो रही है। मार्केट कमेटी के सचिव उमेश डांगी, मंडी के पूर्व प्रधान विनोद गुप्ता के पुत्र वरुण, धर्मबीर कॉलोनी निवासी योगेश, बजाज कॉलोनी निवासी सतीश बजाज सहित अन्य लोगों को डेंगू बुखार अपनी चपेट में ले लिया है।
गांव व शहर में हर घर में वायरल, मलेरिया बुखार ने दस्तक दे दी है। शहर में सरकारी व निजी ऐसा कोई अस्पताल नहीं जहां पर बुखार के मरीज दाखिल नहीं हो। सरकारी अस्पताल में मरीजों की देखरेख ठीक प्रकार से न होने से मरीजों को प्राईवेट अस्पतालों का सहारा लेना पड़ रहा है। जिससे मरीजों को निजी अस्पतालों में ज्यादा पैसे देने पड़ रहे है।
सरकारी अस्पताल के आंकड़े के अनुसार प्रतिदिन सौ मरीजों के खून के नमूने लिए जा रहे है। डॉक्टरों का कहना है कि सरकारी अस्पताल में डेंगू बुखार होने की कोई पुष्टि नहीं हो रही है, लेकिन अस्पताल में डेंगू बुखार का चेकअप करने का कोई इंतजाम नहीं है। डॉक्टरों का कहना है कि विभाग की ओर से फॉगिंग कराने के कोई आदेश नहीं है और न ही फॉगिंग का सामान उपलब्ध है।
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में एसएमओ कुलबीर सिंह ने बताया कि वायरल व मलेरिया बुखार काफी चल रहा है। वायरल बुखार के रोकथाम के लिए समय पर ट्रीटमेंट कराना जरूरी है। उन्होंने बताया कि फॉगिंग कराने के लिए विभाग ने किसी प्रकार के आदेश नहीं किए है और न ही किसी प्रकार की व्यवस्था की है।