माई सिटी रिपोर्टर
करनाल। लाडो लक्ष्मी योजना, बुढ़ापा पेंशन और विधवा पेंशन लाभार्थियों के सत्यापन के लिए वीरवार को नगर निगम की ओर से आयोजित की गई एरिया सभाएं दूसरी बार फिर से फेल हो गई हैं। फिर से इनमें पर्याप्त लोगों की उपस्थिति दर्ज नहीं हो सकी। हालांकि पिछली बार आयोजित की गई एरिया सभाओं से ज्यादा लोग इनमें मौजूद रहे। बावजूद मतदाताओं के दस प्रतिशत का कोरम पूरा नहीं हो सका। सुबह 11 बजे से शाम चार बजे तक अधिकारियों और निगम कर्मचारियों ने लोगों के आने का इंतजार किया और शाम को अधूरे कोरम की रिपोर्ट के साथ लौटना पड़ा। अब फिर से इसकी रिपोर्ट सरकार को भेजी जाएगी।
सबसे खास बात ये रही कि इन एरिया सभाओं में सरकार से जनता की बेरुखी ने एक बार फिर शहरी क्षेत्रों में नागरिक भागीदारी की वास्तविक स्थिति को उजागर कर दिया है। योजनाओं को जमीन पर उतारने के लिए बनाए गए मंच ही खाली रह गए, जिससे प्रशासनिक मंशा और जमीनी हकीकत के बीच का अंतर साफ नजर आया। दरअसल सभा में पहुंचने वाले लोगों में स्पष्ट तौर पर ये डर देखने को मिला कि पहले ही परिवार पहचान पत्र में आय ज्यादा और अन्य कारणों से पेंशन काटी जाती रही हैं। कहीं इन एरिया सभाओं में वेरिफिकेशन के नाम पर उनकी पेंशन न काट दी जाए। इसी डर की वजह से सभाओं में लाभार्थी ही पहुंचे लेकिन इनकी वेरिफिकेशन करने वाले पड़ोसियों ने एरिया सभाओं से दूरी बनाए रखी। लाभार्थी बार बार निगम कर्मचारियों से यही पूछ रहे थे कि उनकी पेंशन काट तो नहीं जाएगी।
वीरवार को नगर निगम ने शहर के 18 वार्डों में 43 जगहों पर एरिया सभाएं बुलाई थी। इनमें लोग तो पहुंचे लेकिन बूथ वाइज और एरिया वाइज मतदाताओं का दस प्रतिशत मौजूद नहीं हो पाए। इससे पहले भी 21 जनवरी को शहर के 20 वार्डों में 49 जगहों पर एरिया सभाएं बुलाई गई थी। इनमें से भी किसी में कोरम पूरा नहीं हो सका। रिपोर्ट सरकार को भेजी तो सरकार ने फिर से एरिया सभा बुलाने के आदेश दिए। अब बाकी के बचे दो वार्डों में छह जगहों पर शुक्रवार को एरिया सभाएं बुलाई गई हैं।
कानून में तय है एरिया सभा की बड़ी भूमिका
नगर निकाय नियम- 2008 के तहत एरिया सभाओं को स्थानीय स्तर पर विकास योजनाओं का आधार माना गया है। एरिया सभा को विकास कार्यों के प्रस्ताव तैयार करने, योजनाओं की प्राथमिकता तय करने, सरकारी योजनाओं के पात्र लाभार्थियों की सूची तैयार करने में इनकी अहम भागीदारी रखी गई है। इनके माध्यम से शहर के लोग अपनी मूलभूत सुविधाओं जिनमें स्ट्रीट लाइट, सड़क, पानी, सफाई पर सुझाव देने से लेकर प्रस्ताव तक पारित करवा सकते हैं। एरिया सभा के माध्यम से लोगों के प्रस्ताव वार्ड कमेटी और यहां से सदन तक आने थे। लेकिन पहली ही एरिया सभा में जनता की कम भागीदारी ने इन सभी उद्देश्यों पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
इस बार एरिया सभा में पिछली बार की तुलना में काफी ज्यादा लोग आए लेकिन फिर भी दस प्रतिशत की मौजूदगी का कोरम पूरा नहीं हो सका। अब इसकी रिपोर्ट सरकार को भेजी जाएगी। इसके बाद जो भी सरकार की ओर से आदेश आएंगे उनको पूरा कराया जाएगा।
- अशोक कुमार, अतिरिक्त निगम आयुक्त