हरियाणा गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (एडहॉक) के प्रदेशाध्यक्ष जगदीश सिंह झींडा ने असंध में कहा कि अलग प्रबंधन कमेटी सिखों का बुनियादी हक है और हरियाणा के सिख अपने हक को लेकर रहेंगे।
छह जुलाई को कैथल में विशाल सिख सम्मेलन में मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा को बुलाकर उन्हें हरियाणा के सिखों के साथ किए वादे की याद दिलाएंगे।
जगदीश झींडा नगर के एक नीजि पैलेस में कमेटी के स्थानीय पदाधिकारियों की बैठक को संबोधित कर रहे थे। उन्होने कहा कि प्रकाश सिंह बादल ने हमेशा से ही हरियाणा के सिखों के हकों को उनसे छीना है।
सैकड़ों करोड़ रुपए की आमदनी के बावजूद प्रदेश के गुरुद्वारों में कोई विकास कार्य नहीं होते, बल्कि सारा पैसा पंजाब चला जाता है।
हरियाणा के गुरुद्वारों, स्कूल, कालेजों सहित अन्य संस्थानों में हरियाणा के युवकों को नौकरी देने की बजाए पंजाब के लोगों को नौकरी दी जाती है।
उन्होने कहा कि हरियाणा गुरुद्वारा प्रबंधन कमेटी ने प्रदेश के सिखों के हकों के लिए लंबा संघर्ष किया है। कांग्रेस सहित प्रत्येक राजनीतिक दल ने सिखों के वोट हासिल करने के लिए उन्हे गुमराह किया है परंतु अब यह लड़ाई निर्णायक दौर में पंहुच चुकी है।
झींडा ने कहा कि जब अलग हरियाणा प्रदेश का गठन हुआ उसके साथ ही अलग गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी का भी गठन अपने आप ही हो जाना चाहिए था, लेकिन पंजाब के नेताओं ने हरियाणा के सिखों को गुमराह कर उनके हकों पर कुठाराघात किया।
झींडा ने बताया कि कांग्रेस सरकार से उन्हें अलग कमेटी के गठन के बारे में सकारात्मक संकेत मिले हैं। एचएसजीपीसी इसका स्वागत करती है और मुख्यमंत्री को सिखों की भावनाओं से अवगत करवाने के लिए छह जुलाई को एक लाख सिख इकट्ठा होकर एक सम्मेलन करने जा रहा है।
मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा इसके मुख्यातिथि होंगे। मौके पर एचएसजीपीसी के स्थानीय अध्यक्ष सुखविंद्र सिंह झब्बर, सूरत सिंह साही, शीशा सिंह रत्तक, साहब सिंह जलमाना, दर्शन सिंह, निशान सिंह, इंद्र सिंह बिलौना, डॉ. गुरमख सिंह, सहिंद्र सिंह थल, डॉ. त्रिलोचन सिंह, हरकीरत सिंह फौजी, सुखबीर सिंह, मंजीत सिंह डाचर, जोगिंद्र सिंह सहित अन्य सिख कार्यकर्ता उपस्थित थे।