माई सिटी रिपोर्टर
करनाल। रेलवे स्टेशन पर सफाई व्यवस्था पटरी से उतर गई है। सफाई का ठेगा जुलाई, 2023 में समाप्त हो गया था। अब तक नई निविदा जारी नहीं की जा सकी है। 13 सफाई कर्मचारियों की जरूरत है। महज 3 के सहारे काम चल रहा है। नतीजतन स्टेशन परिसर, प्लेटफॉर्म और सार्वजनिक शौचालयों में गंदगी रहती है। यात्री परेशान रहते हैं।
रेलवे स्टेशन पर परिसर में जगह-जगह कूड़ा पड़ा रहता है। डस्टबिन भी समय पर खाली नहीं किए जाते। बदबू आती रहती है। यात्रियों का कहना है कि कई बार शिकायत करने के बावजूद स्थिति में सुधार नहीं हो पाया है। सार्वजनिक शौचालयों की स्थिति सबसे ज्यादा खराब है। वॉश बेसिन के आसपास भी सफाई नहीं हो पाती। फर्श पर पानी और गंदगी के कारण फिसलने का खतरा बना रहता है। यात्रियों का कहना है कि शौचालयों में नियमित सफाई नहीं होने से दुर्गंध फैली रहती है। -
यात्रियों का दर्द
स्टेशन पर कई जगह कूड़ा पड़ा रहता है। खासकर शौचालयों की हालत बहुत खराब है। सफाई नियमित होनी चाहिए ताकि यात्रियों को परेशानी न हो। - कमलेश, यात्री
महिला यात्रियों के लिए शौचालय की सफाई बहुत जरूरी होती है लेकिन यहां साफ-सफाई का अभाव साफ दिखाई देता है। कई बार उपयोग करना भी मुश्किल हो जाता है। - अंजलि, यात्री
स्टेशन पर सफाई की निविदा जुलाई, 2023 से ही समाप्त हो चुकी है। नई प्रक्रिया के लिए पत्र लिखा जा चुका है। अभी फिलहाल 3 कर्मचारी काम कर रहे हैं। - संजय सक्सेना, स्टेशन अधीक्षक, करनाल