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स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट

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आने वाले बारह महीनों में शहर स्मार्ट लाइटों की दूधिया रोशनी जगमगाने लगेगा। करीब 25 हजार पोल पर सोडियम के स्थान पर स्मार्ट एलईडी लाइटें लगेंगी। इसके लिए देश की जानी मानी चार बड़ी कंपनियों ने मंगलवार को डा. मंगलसेन ऑडिटोरियम में उपायुक्त/केएससीएल के सीईओ निशांत कुमार यादव की अध्यक्षता में आयोजित स्मार्ट लाइट प्रोजेक्ट की बैठक में प्रेजेंटेशन दिया। साथ ही एलईडी लाइट्स की खूबियां बताईं।
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बताया गया कि यह सभी लाइट्स एक साफ्टवेयर के जरिये एक ही स्थान से और मोबाइल फोन से कंट्रोल होंगी। यदि कोई लाइट खराब होती है तो तत्काल इसकी सूचना मिलेगी। इनमें डिमिंग सिस्टम है, जिससे अंधेरा होते ही तेज लाइट से जगमगाएंगी, उसके बाद रात के गहराते और सड़कों पर आवाजाही के कम होने पर लाइट कम होती जाएगी, सुबह होने पर स्वत: ही बंद हो जाएगी। इससे बिजली की भारी बचत होगी। प्रजेंटेशन में सूर्या रोशनी लिमिटेड, वर्चूसो ऑपटो इलेक्ट्रोनिक्स प्राइवेट लिमिटेड, एलएन एंटरप्राइज़ेज व टेक केबल प्राइवेट लिमिटेड कंपनियां शामिल हुईं। स्मार्ट लाइट प्रोजेक्ट की टेक्निकल बिड के बाद आज डेमो दिखाकर कंपनियों का प्रूफ ऑफ कांसेप्ट देखकर आंकलन किया गया। इनकी विशेषताओं व स्मार्टनेस का अंदाजा लगाया गया। सीईओ ने बताया कि जो भी कंपनी क्वालीफाई करेगी, उसे ही फाईनेंशियल बिड में बुलाया जाएगा। इसमें करीब एक सप्ताह लगेगा। इसके बाद वर्क ऑडर दे दिया जाएगा। पहले छह सात महीने में कंपनी जिन सड़कों पर लाइट लगनी है, उनका सर्वे करेगी। उसके बाद पांच छह महीनों में लाइट लगाने का कार्य पूरा करेगी। यह कंपनियां इससे पहले देश के जयपुर, नागपुर, विशाखापट्टनम, अकोला, उज्जैन तथा गांधी नगर जैसे स्मार्ट सिटी व विदेशों में काम कर चुकी हैं। उपायुक्त ने शहर में जाकर कंपनियों द्वारा लगाई गई कुछ स्मार्ट लाइट का डेमोस्ट्रेशन भी देखा। इसमें सीईओ के साथ यूएलबी मुख्यालय के चीफ आर्किटेक्चर केके वर्षने, नगर निगम के चीफ इंजीनियर रामजी लाल, सुपरिटेंडेंट इंजीनियर दीपक किंगर, डीएमसी धीरज कुमार, एक्स यूएचबीवीएन धर्म सुहाग, पीएमसी प्रवीन झा, स्पोर्ट इंजीनियर मोहन शर्मा भी मौजूद रहे।
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रात्रि को होगा दिन जैसा नजारा
-स्मार्ट लाइट प्रोजेक्ट के तहत पूरे शहर में करीब 25 हजार स्मार्ट लाइट लगेंगी। रात्रि के समय शहर की सड़कें दूधिया रोशनी से जगमगाएगी, रात्रि में दिन जैसा नजारा होगा। 90 वाट से ऊपर की हर लाइट व्यक्तिगत नियंत्रण में होगी। कंपनी लाइट के लिए केबल लगाएगी, जहां जरूरत होगी नए पोल भी लगाए जाएंगे। इससे ऊर्जा बचेगी। शाम होते ही शेड्यूल के मुताबिक लाइटें जलने लगेंगी, जैसे जैसे रात गहराएगी, वैसे वैसे लाइटें डिम होती जाएंगी। सुबह होने तक बंद हो जाएगी।
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कंपनियों ने बताए अपनी लाइटों की खूबियां
-प्रजेंटेशन में शामिल कंपनियों ने अपनी प्लानिंग, सर्वे, सड़कों की मैपिंग, कम्पलेंट सेंटर, रिप्लेसमेंट ऑफ वाटेज, टाइम लाइन, स्मार्ट कंट्रोल व मॉनिटरिंग, रिप्लेसमेंट ऑफ स्ट्रीट लाइट, पोटेंशियल ऑफ रिस्क और मिटिगेशन स्ट्रेटिजिज, एनर्जी सेविंग तथा ऑर्प्रेशन एंड मेंटीनेंस जैसे फीचर दिखाए। उपायुक्त की आशंकाओं को भी दूर किया।
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