संवाद न्यूज एजेंसी
कुंजपुरा/इंद्री। घीड़ गांव में नौवीं कक्षा के एक छात्र ने बुधवार को अपहरण की झूठी कहानी रचकर परिवार को चिंता में डाल दिया। इतना ही नहीं शाम को करीब छह बजे किसी का मोबाइल लेकर अपने पिता को कॉल करवाकर दो लाख रुपये की फिरौती भी मांग ली। फोन के बाद परिवार में डर का माहौल बन गया। मामले की शिकायत कुंजपुरा थाना पुलिस को दी गई। पुलिस ने भी गुमशुदगी की प्राथमिकी दर्ज करके जांच शुरू कर दी।
दूसरी ओर पीड़ित परिवार ने बच्चे के घर न पहुंचने पर गांव के मंदिर में बच्चे की गुमशुदगी की घोषणा करवा दी। ग्रामीण बच्चे के घर पहुंचकर पता करने लगे। वहीं साइबर सेल की मदद से कुंजपुरा थाना पुलिस ने रात को बच्चे को करनाल के नजदीक से बरामद कर लिया। पूछताछ में खुलासा हुआ कि बच्चा 15 दिन से स्कूल नहीं जा रहा था, जिस कारण उसने यह साजिश रची थी।
15 दिन से नहीं गया था स्कूल
घीड़ गांव निवासी बच्चे के ताऊ ने बताया कि बच्चा बुधवार सुबह स्कूल गया था। लेकिन दोपहर को खाना खाने घर नहीं आया। स्कूल से अध्यापकों ने घर सूचना दी कि बच्चा 15 दिनों से स्कूल नहीं पहुंच रहा है। इस पर परिजनों ने बच्चे की तलाश शुरू कर दी। लेकिन बच्चा नहीं मिल पाया। दोपहर को छुट्टी के समय भी बच्चा घर नहीं लौटा तो परिजनों की चिंता बढ़ गई। परिजनों ने मंदिर में बच्चे के गुम होने की घोषणा करवा दी। शाम को करीब छह बजे एक अज्ञात मोबाइल नंबर से कॉल आई। कॉल करने वाले ने कहा कि लड़का उनके पास है, दो लाख रुपये तैयार रखना। इसके बाद कॉल करने वाले ने फोन काट दिया। इसके बाद परिवार में दहशत फैल गई और सभी ने मान लिया कि बच्चे का सच में अपहरण हो गया है। इसके बाद पुलिस को सूचित किया गया। पुलिस ने साइबर की सहायता से दो घंटे बाद ही बच्चे को सकुशल बरामद करके परिजनों को सौंप दिया।
घीड़ गांव से बुधवार को एक नाबालिग बच्चा संदिग्ध परिस्थितियों में लापता हो गया था। गुमशुदगी की प्राथमिकी दर्ज करके जांच शुरू की थी। साइबर की सहायता से कॉल करने वाले नंबर को ट्रेस किया गया। उसी लोकेशन से बच्चे को बरामद कर लिया। पुलिस पूछताछ में सामने आया कि बच्चे ने किसी व्यक्ति का फोन मांगकर खुद अपने पिता को फिरौती के लिए कॉल की थी। इसके बाद फोन बंद कर दिया था। ताकि सबको लगे कि उसका अपहरण हो गया है। पुलिस जांच कर रही है कि बच्चे ने साजिश क्यों रची थी।
-विक्रांत, थाना प्रभारी, कुंजपुरा थाना