संवाद न्यूज एजेंसी
करनाल। मौसम में बदलाव से जुकाम, एलर्जी और गले के संक्रमण के साथ कान बंद होने की समस्या बढ़ गई है। जिला नागरिक अस्पताल की कान, नाक व गला रोग ओपीडी में रोजाना करीब 170 मरीज पहुंच रहे हैं। इनमें से लगभग 50 प्रतिशत मरीजों को ये समस्याएं होती हैं।
एक माह पहले तक इन समस्याओं के मरीजों की संख्या 40 से 50 प्रतिदिन रहती थी। अब यह बढ़कर 60 से 70 तक पहुंच गई है। इससे पीड़ित सबसे अधिक युवा हैं। स्कूल-कॉलेजों में ठंडे पदार्थों और फास्ट फूड का सेवन वायरल संक्रमण और गले में समस्या पैदा कर रहा है। नागरिक अस्पताल से ईएनटी विशेषज्ञ डॉ. जयवर्धन ने बताया कि युवाओं के बाद मौसम परिवर्तन का असर बच्चों और बुजुर्गों पर अधिक देखा जा रहा है। बच्चों में नाक-गले का संक्रमण बढ़ रहा है। बुजुर्गों में एलर्जी, साइनस और कान से जुड़ी दिक्कतें ज्यादा सामने आ रही हैं।
सामान्य जुकाम न समझें
डॉ. जयवर्धन ने कहा कि अक्सर लोग समस्या को साधारण जुकाम मानकर इलाज टाल देते हैं। लापरवाही आगे चलकर कान के संक्रमण का कारण बन जाती है। समय पर उपचार नहीं लेने से सूजन, दर्द और अस्थायी रूप से सुनने में परेशानी भी हो सकती है। बचाव ही सबसे बेहतर इलाज है। सुबह-शाम ठंडी हवा से बचें, धूल-धुएं से दूरी रखें, ठंडी और गर्म चीजों का एक साथ सेवन न करें। अगर जुकाम या कान से जुड़ी समस्या तीन-चार दिन से अधिक रहे तो तुरंत जांच कराएं।