चुनाव परिणाम की घोषणा के साथ ही सीएम सिटी में जिला परिषद चेयरमैन पद के लिए सियासत शुरू हो गई है। चेयरमैन पद करनाल में सामान्य वर्ग की महिला के लिए आरक्षित है। ऐसे में सीधा सा मुकाबला इनेलो और भाजपा के बीच है। इनेलो की तरफ से पूर्व जिला परिषद के चेयरमैन हरेंद्र सांगवान की पत्नी कमलेश सांगवान का नाम सामने आ रहा है, जबकि भाजपा अभी अपने पत्ते नहीं खोल रही है। फिलहाल डा. रीना, कुुशुम रानी व बाला देवी के नाम पर मंथन चल रहा है। गुरुवार देर रात तक जहां इनेलो ने अपना पासा फेंक दिया, वहीं भाजपा की तरफ से आजाद उम्मीदवारों को गनमैन मुहैया करा दिए गए।
बता दें कि जिले में जिला परिषद के कुल वार्ड 25 हैं। चेयरमैन बनने के लिए 13 सदस्यों की जरूरत है। न तो भाजपा के पास 13 सदस्य हैं और न ही इनेलो के पास। कांग्रेस का केवल एक सदस्य ही जीता है। ऐसे में मुकाबला भाजपा व इनेलो का है। क्योंकि पिछली बार जिला परिषद का चेयरमैन हरेंद्र सांगवान, इनेलो के पूर्व विधायक नरेंद्र सांगवान के भाई थे। इस बार हरेंद्र सांगवान की पत्नी कमेलश सांगवान सदस्य बनी है। सांगवान दोबारा से जिला परिषद चेयरमैन पद के लिए जोड़ तोड़ में जुटे हैं। इनेलो समथित छह सदस्य जीते हैं।
वहीं भाजपा के समर्थित छह उम्मीदवार जीते हैं। ऐसे में सात अन्य सदस्यों को अपने पाले में लाने के लिए प्रशासन की ओर से आजाद उम्मीदवारों को गनमैन दे दिए गए, ताकि विपक्षी उन्हें अपने कब्जे में न ले सकें। ऐसे में उम्मीद की जा रही है कि भाजपा अपना चेयरमैन बना लेगी, लेकिन इसमें इनेलो कड़ी टक्कर दे रही है। बता दें कि बसपा के अशोक मित्तल जीते हैं, तो शेष आजाद सदस्य जीते हैं।
देर रात तक भाजपा के जिलाध्यक्ष व नीलोखेड़ी के विधायक भगवानदास कबीर पंथी व भाजपा के पदाधिकारी उम्मीदवारों के साथ बैठक करते रहे। इसके अलावा, घरौंडा के विधायक हरविंद्र कल्याण, इंद्री से मंत्री कर्णदेव कांबोज भी भाजपा का जिला परिषद चेयरमैन बनाने के लिए बैठकें करते रहे हैं। सूत्रों का कहना है कि अभी भाजपा की तरफ से किसी भी महिला का नाम फाइनल नहीं किया गया है। शुक्रवार को नाम पर सहमति बन सकती है। वैसे डा. रीना का नाम सबसे आगे चल रहा है।
वर्जन
जिला परिषद समेत ब्लॉक समिति में भाजपा की विचारधारा के लोग ज्यादा जीते हैं। चेयरमैन किसको बनाना है, यह फैसला संगठन और सदस्य करेंगे। भाजपा के जिलाध्यक्ष व अन्य सदस्य इस पर मंथन कर रहे हैं, इसमें कोई दो राय नहीं है कि भाजपा का चेयरमैन बनेगा। -अमरेंद्र सिंह, ओएसडी टू सीएम