संवाद न्यूज एजेंसी
करनाल। रिश्वत कांड में पकड़े गए तहसीलदार राजबख्श द्वारा सेशन कोर्ट में जमानत याचिका लगाई गई थी, जिसे खारिज कर दिया गया है। वहीं इस मामले में हरियाणा स्टेट विजिलेंस द्वारा उन डीड राइटरों को भी जांच में शामिल कर लिया गया है। जिनके नाम तहसीलदार राजबख्श व डीटीपी विक्रम द्वारा लिए गए थे। विजिलेंस ने उन्हें जांच के लिए भी बुलाया है।
हरियाणा स्टेट विजिलेंस की टीम ने 11 मार्च को डीटीपी विक्रम को सेक्टर-6 स्थित उसके घर से पांच लाख रुपये की रिश्वत के साथ रंगे हाथों पकड़ा था। इस दौरान उसके ड्राइवर बलबीर को भी पांच हजार रुपये की रिश्वत के साथ पकड़ा था। तलाशी के दौरान डीटीपी के घर से 78.64 लाख रुपये भी बरामद किए थे। दोनों आरोपियों को 12 मार्च को कोर्ट में पेश कर विजिलेंस ने तीन दिन के रिमांड पर लिया। पूछताछ के आधार पर मामले में 14 मार्च को विजिलेंस ने तहसीलदार राजबख्श को भी गिरफ्तार किया था। 15 मार्च को तहसीलदार राजबख्श और डीटीपी विक्रम को कोर्ट में पेश किया गया। वहां से तहसीलदार को एक दिन और डीटीपी को दोबारा तीन दिन के रिमांड पर भेजा गया। 16 मार्च को दोबारा तहसीलदार को कोर्ट में पेश किया गया था, जहां से उसे पांच दिन की रिमांड पर भेजा गया। वहीं तीन दिन का पुलिस रिमांड पूरा होने पर 18 मार्च को विजिलेंस की टीम ने डीटीपी विक्रम को दोबारा कोर्ट में पेश किया, जहां से उसे पांच दिन के रिमांड पर लिया गया। पुलिस रिमांड खत्म होने पर 21 मार्च को तहसीलदार और डीटीपी विक्रम को जेल भेज दिया गया था।
डीड राइटरों में मचा है हड़कंप
विजिलेंस द्वारा 15 से अधिक डीड राइटरों के बयान दर्ज किए जाने हैं। ऐसे में डीड राइटरों में हड़कंप मचा है, क्योंकि तहसीलदार ने इन डीड राइटरों का नाम लिया है कि रिश्वत के रुपये इनके द्वारा भी आते थे।
तहसीलदार राजबख्श की जमानत याचिका सेशन कोर्ट में लगाई गई थी। जिसे खारिज कर दिया गया है। वहीं डीड राइटरों के बयान दर्ज कराने की प्रक्रिया चल रही है।
सचिन कुमार, निरीक्षक, हरियाणा स्टेट विजिलेंस करनाल