हरियाणा के करनाल में सिर के बाल झड़ने से परेशान एक किशोर इस कदर अवसाद ग्रस्त हो गया कि उसने फंदे पर लटक कर आत्महत्या कर ली। सदर थाना क्षेत्र के गांव पिंगली निवासी मृतक किशोर के परिजनों ने बताया कि उनका बेटा पंकज 12वीं कक्षा में पढ़ता था। कुछ वर्षों से उसके बाल झड़ रहे थे जिससे वह परेशान रहने लगा था।
वह इतना परेशान था कि किसी समारोह या पार्टी में जाने से हिचकने लगा था। मंगलवार को वह पड़ोस में एक जन्मदिन की पार्टी में गया था। वहां से रात को लौटने के बाद वह घर के ऊपर बने कमरे में चला गया। परिजनों ने सोचा कि शायद वह सो गया होगा। लेकिन जब सुबह नीचे नहीं आया तो वे उसे देखने चले गए, जहां वह पंखे से लटका था।
घटना के बाद आनन फानन लोग उसे पंखे से उतारकर एक निजी अस्पताल में ले गए, लेकिन उसकी पहले ही मौत हो चुकी थी। मौके पर पहुंची पुलिस ने उसके शव का पोस्टमार्टम करा परिजनों को सौंप दिया।
मृतक किशोर के चाचा राजेश ने बताया कि उसका भतीजा पंकज बाल झड़ने को लेकर काफी परेशान रहता था। हालांकि बाल झड़ने की यह समस्या उनके परिवार में आनुवांशिक है। उसके पिता, भाई और खुद उसके भी कम उम्र में ही बाल झड़ गए थे।
पंकज परिवार का इकलौता बेटा था। उसकी दो बहनें हैं। आगामी 22 जनवरी को उसका 18वां जन्मदिन था, जिसकी तैयारी की जा रही थी। वह सोशल मीडिया पर अपनी फोटो डालना चाहता था लेकिन बाल झड़ जाने की वजह से ऐसा करने से हिचकता था।
किशोर ने तनाव में आकर आत्महत्या की है। परिवार के लोग बाल झड़ने की समस्या आनुवांशिक बता रहे हैं, लेकिन लिखित में कुछ नहीं दिया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
- एसएचओ मनोज कुमार, सदर थाना
बाल झड़ना आनुवांशिक बीमारी है। जिसके कारण लोग खुद को दूसरों से अलग महसूस करने लगते हैं और हीनभावना से ग्रसित हो जाते हैं। वहीं दोस्तों के सामने खुद को उम्रदराज या तरह-तरह की बातों से परेशान होने लगते हैं। ऐसे में वे खुद को अकेला समझने लगते हैं। ऐसे मामलों में पांच-छह साल से बाल झड़ने शुरू हो जाते हैं। तनाव, विटामिन डी की क मी, पौष्टिक आहार की कमी, घबराहट और बेचैनी की वजह से यह समस्या बढ़ती है। अभिभावकों को भी ऐसी स्थिति में बच्चों के बदलते व्यवहार पर भी नजर रखनी चाहिए।
- डॉ. मनन गुप्ता, मनोरोग विशेषज्ञ