सेक्टर-12 में सात दिन से आमरण अनशन पर बैठे गेस्ट टीचर का शनिवार की शाम को पुलिस और प्रशासन ने स्वास्थ्य जांच कराई। शुक्रवार को पूरा दिन शिक्षक के पेट में दर्द होता रहा। वहीं इससे पहले अतिथि अध्यापक संघर्ष समिति के बैनर तले शिक्षकों ने स्व. शिक्षिका राजरानी को महात्मा गांधी चौक पर कैंडल जलाकर श्रद्धांजलि दी। संघ की प्रदेश अध्यक्ष मैना यादव ने बताया कि प्रदेश के 13 हजार गेस्ट टीचर 8 सितंबर को करनाल में आमरण अनशन स्थल पर एकत्रित होंगे और कुछ टीचर प्रधानमंत्री की रोहतक रैली में जाकर गेस्ट टीचर्स की आवाज बुलंद करेंगे। उन्होंने बताया कि राजरानी की अतिथि अध्यापकों की लड़ाई लड़ते 7 सितंबर 2008 को रोहतक में मौत हो गई थी। इस अवसर पर सुभाष खटाना, पूनम कुमारी, नवनीत बाजवा, निष्ठा चौधरी, प्रदीप बतन, हरदीप गिल, राजेश मलिक, चंद्र हास, इंदु मलिक, सीमा ठाकुर, बलवान सिंह व राधा कृष्ण मौजूद रहे।
14 सालों से हो रहा आर्थिक व मानसिक शोषण
अतिथि अध्यापक प्रदर्शन करते धरना स्थल से महात्मा गांधी चौक पर पहुंचे। समिति के महासचिव पारस शर्मा ने कहा कि एक्ट पास होने के बाद गेस्ट टीचर को किसी प्रकार की कोई भी नियमित अध्यापकों के समान सुविधा नहीं मिली है। एक्ट में केवल 58 वर्ष तक सुरक्षित सेवा सुरक्षा की बात की गई है और वह सेवा सुरक्षा भी नाम की है जब पक्के शिक्षक आने के बाद गेस्ट टीचर को कहीं ओर जाना पड़ेगा। आज हमें एक नियमित शिक्षक से आधी से भी कम सैलरी मिलती है। गेस्ट टीचर का 14 वर्षों की सेवा अवधि के बाद भी आर्थिक और मानसिक शोषण जारी है। जबकि खट्टर सरकार का तो पक्का करना चुनावी वादा है। सीएम जन आशीर्वाद यात्रा के दौरान भी लगातार झूठ बोल रहे हैं कि हमने अतिथि शिक्षकों को नियमित कर दिया है। इस दौरान मृतक राजरानी के पिता रणधीर कुंडू व उनकी मां ने भी सरकार को मांगे पूरी करने के लिए चेताया।
शिक्षा मंत्री और अधिकारियों से बैठक तय होने पर माने
शनिवार की शाम को अनशन पर बैठे शिक्षक की स्वास्थ्य जांच के लिए प्रशासनिक अमला धरनास्थल पर पहुंचा। तहसीलदार राजबक्श के आग्रह के बाद भी टीचर्स नहीं माने। शिक्षकों ने कहा कि सरकार व विभाग के उच्च अधिकारियों से जब तक मुलाकात नहीं हो जाती, तब तक वें अपना अनशन व धरना समाप्त नहीं करेंगे। फिर एसडीएम नरेंद्र मलिक के लिखित आश्वासन के बाद शिक्षकों ने अनशन पर बैठे राजकुमार को स्वास्थ्य जांच के लिए भेजा। संघ के सदस्य नरेंद्र संधू ने बताया कि 9 सितंबर शाम 4 बजे उन्हें शिक्षा मंत्री व उच्च अधिकारियों से मुलाकात का आश्वासन दिया गया है।