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अध्यापकों ने किया टेस्ट के विरोध में प्रदर्शन

Thu, 22 May 2014 01:11 AM IST
अमर उजाला करनाल
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करनाल। बुधवार को हरियाणा विद्यालय अध्यापक संघ व स्कूल टीचर फेडरेशन ऑफ इंडिया की ओर से अध्यापकों की समस्या पर जिला शिक्षा अधिकारी व जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय के बाहर प्रदर्शन किया गया।
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इसके बाद जिला शिक्षा अधिकारी के माध्यम से सीएम को ज्ञापन सौंपा गया। जिसकी अध्यक्षता जिला प्रधान बलराज सिंह व सचिव जगतार सिंह ने की। राज्य सचिव जगतार सिंह ने कहा कि सरकार बिना सोचे समझे कोई भी फरमान जारी कर देती है। इस प्रकार के फरमान से अध्यापकों को मानसिक रूप से परेशान किया जा रहा है। हाल ही में टीएनए नामक टेस्ट रखा गया है जिसके प्रारूप, योजना व मक्सद की कोई भी जानकारी नहीं है।

 ऐसे में अध्यापक किस आधार पर यह टेस्ट देंगे। इस टेस्ट का अध्यापक संघ ने विरोध किया। प्रधान बलराज सिंह ने बताया कि पदोन्नति से पहले रेशनेलाइजेशन का कोई औचित्य ही नहीं है। छात्र शिक्षक अनुपात शिक्षा का अधिकार कानून के अधिनियम के तहत होना चाहिए। अध्यापकों से गैर शैक्षणिक कार्य लेना तर्क संगत नहीं है। जयप्रकाश शास्त्री ने खाली पदों को भरने और अतिथि अध्यापकों को पक्का करने की मांग की।
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उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार की मंशा ही जन शिक्षा के प्रति सकारात्मक नहीं है। सभी कार्यालयों पर अध्यापकों के एसीपी मामले व सीटिजन चार्टर लागू किया जाए। इस अवसर पर उप प्रधान रोशन लाल, अनिल सैनी, गुरध्यान सिंह, कुलबीर सिंह, श्याल लाल, सुरेंद्र कुमार, नरेंद्र चोपड़ा उपस्थित रहे।

हरियाणा स्कूल लेक्चरर एसोसिएशन व हरियाणा मास्टर वर्ग एसोसिएशन की ओर से भी शिक्षा विभाग के अड़ियल रवैये के खिलाफ रोष प्रदर्शन किया। विभाग नाकामियों को छिपाने के लिए नए फरमान जारी कर रहा है। जिसकी वजह से अध्यापकों के साथ विद्यार्थियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

शिक्षकों का ट्रेनिंग नीड असेसमेंट टेस्ट लेकर विभाग शिक्षकों के मौलिक अधिकारों का हनन कर रहा है। प्राथमिक शिक्षक संघ के प्रधान जगदीश चंद्र ने कहा कि विभाग आरटीई एक्ट बनाकर  स्वयं की उसकी अवहेलना कर रही है। सभी संगठनों की ओर से 26 मई को होने वाली परीक्षा का विरोध किया जाएगा, चाहे इसके लिए उन्हें कोई भी कुर्बानी क्यों न देनी पड़े। इस अवसर पर विभिन्न संगठनों के अध्यापक उपस्थित रहे।
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