करनाल। डीसी बलराज सिंह ने कहा कि अब किसी भी कीमत पर जिले में अवैध खनन नहीं होने दिया जाएगा। खनन में सहयोग देने वाले अधिकारियों व अवैध खनन करने वाले माफियों के खिलाफ प्रशासन का हल्ला बोल वीरवार से शुरू होगा। डीसी लघु सचिवालय के सभागार में जिले में अवैध खनन को रोकने के लिए टास्क फोर्स की बैठक को संबोधित कर रहे थे।
उन्होंने कहा कि जब कानून व फोर्स हमारे साथ है तो फिर भी अवैध खनन के क्या मायने हैं। मिलीभगत से रेत की चोरी हो रही है। माफिया बाजारों में रेत लेकर घूम रहे हैं। पुलिस व अधिकारी देख रहे हैं। ऐसा किसी भी कीमत पर नहीं चलेगा। उन्होंने कहा कि पुलिस को सख्त होने की जरूरत है। एसडीएम व डीएसपी को अवैध खनन को रोकने के लिए अपने क्षेत्र की जिम्मेदारी लेनी होगी।
खंड विकास एवं पंचायत अधिकारियों को सरपंचों से गांव में जाकर बैठक करके सहयोग लेना होगा। यदि कोई सरपंच अवैध खनन में माफियों का सहयोग करता है तो सरपंच के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
डीसी ने खनन से जुड़े अधिकारियों से कहा कि खनन करवाने के लिए किसी के भी दबाव में आने की जरूरत नहीं है। तहसीलदार व बीडीपीओ सख्ती से काम ले। जिस गांव में अवैध रेत पड़ा है,उसको शीघ्र उठाया जाए और दोषी के खिलाफ पर्चा दर्ज करे। डीसी ने एसडीएम करनाल व इंद्री को कहा कि वे शीघ्र ऐसे गांव की पहचान करे, जहां अवैध खनन हो रहा है। हर कार्रवाई की रिपोर्ट प्रतिदिन दें।
एसएचओ की एसीआर हो सकती है खराब: एसपी अभिषेक गर्ग ने बैठक में उपस्थित थाना प्रभारियोे को सख्त निर्देश दिए कि जिस भी एसएचओ के क्षेत्र में अवैध खनन होगा तो वह प्रमाण सहित उसकी एसीआर में दर्ज किया जाएगा। उन्होंने कहा कि सारा काम छोड़कर अधिकतर पीसीआर को ऐसे नाकों पर लगाई जाए, जहां से रेत चोरी हो रहा है। जो भी अवैध खनन पकड़ा जाए उसमें गाड़ी के ड्राइवर के साथ-साथ मालिक की भी एफआईआर दर्ज की जाए।
उन्होंने कहा कि अवैध खनन को रोकने के लिए आज से ही पुलिस की माइनिंग टीम बनाई जाएगी, जिसमें पुलिस के ईमानदार व जुझारू अधिकारियों व कर्मचारियों को रखा जाएगा। इस कार्रवाई की रिपोर्ट सप्ताह में देनी होगी। मौके पर एसडीएम करनाल सुशील सारवान, एसडीएम इन्द्री विजय कुमार, जिला खनन अधिकारी माधूरी गुप्ता, सिंचाई विभाग के कार्यकारी अभियंता एमएल राणा व मनीष शर्मा, तहसीलदार करनाल हरिओम अत्री, तहसीलदार घरौंडा निर्मल दहिया सहित पुलिस अधिकारी उपस्थित थे।