माई सिटी रिपोर्टर
करनाल। रिंग रोड पर सर्विस लेन की मांग के लिए दो महीने बीत जाने के बाद वीरवार को एनएचएआई अधिकारीयों की टीम आंदोलनरत किसानों से मिलने पहुंची। टीम की किसानों से एक घंटे तक वार्ता हुई लेकिन इसमें सहमति नहीं बन पाई। अधिकारी लिखित के बजाए मौखिक आश्वासन देते रहे लेकिन किसान लिखित आश्वासन पर डटे रहे। एनएचएआई की ओर से एग्जिक्यूटिव इंजीनियर राहुल, भानु प्रताप ने मौखिक आश्वासन देते हुए कहा कि प्रस्ताव मंजूरी के लिए केंद्र के पास भेजा गया है।
स्वीकृति के बाद सर्विस लेन बना दिया जाएगा। दूसरी ओर आंदोलनकारी किसानों ने एक स्वर में एनएचएआई अधिकारियों के इस प्रस्ताव को सिरे से नकारते हुए कहा कि जब तक सर्विस लेन का निर्माण कार्य नहीं शुरू होता तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा। वे किसी भी प्रकार के झांसे या बहकावे में नहीं आएंगे। किसानों ने कहा कि इससे पहले भी हमारे साथ लिखित तौर पर धोखा हो चुका है। एनएचएआई के अधिकारी किसानों को मानने में नाकामयाब रहे और वापस बैरंग लौट गए।
किसान नेता दी चेतावनी
भारतीय किसान यूनियन के प्रदेश अध्यक्ष रतन मान ने कहा कि एनएचएआई के अधिकारी बार-बार किसानों को गुमराह न करें। जब तक सर्विस लेन का निर्माण शुरू नहीं होगा तब तक कार्य बंद रहेगा चाहे किसी भी प्रकार की कुर्बानी किसानों को देनी पड़े। वे किसी भी कीमत पर पीछे नहीं हटेंगे और इस आंदोलन को गेहूं कटाई सीजन के बाद प्रदेश स्तरीय रूप दिया जाएगा। इस दौरान मुख्य रूप से दीपक, मनीष, शक्ति सिंह , कविंदर, जगदीश, जोगेंदर सिंह, भीम सिंह, माना पंडित, किरणपाल शर्मा मौजूद रहे।