करनाल। अनियमित जीवन शैली के चलते उच्च रक्तचाप आज के समय में आम बीमारी हो गई है। यह वयस्कों से लेकर बुजुर्गों तक में किसी को भी हो सकती है। यह बीमारी खतरनाक है, समय पर इलाज न मिलने से जान भी जा सकती है।
नागरिक अस्पताल के मनोरोग चिकित्सक डॉ. मनन गुप्ता के अनुसार इस बीमारी से बचना है तो हमें अपनी जीवनशैली को बदलना होगा। सुबह सैर, योग आदि करना चाहिए, घर का बना हुआ खाना खाएं, बाहर का खाना और तला हुआ खाने से बचें, धूम्रपान व शराब का सेवन न करें। सबसे जरूरी किसी प्रकार का तनाव न ले, क्योंकि उच्च रक्तचाप की वजह से दिल से जुड़ी बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है।
उच्च रक्तचाप के कारण कोरोनरी हार्ट डिजीज, हार्ट अटैक, स्ट्रोक और किडनी फेल होने जैसी जानलेवा बीमारियां हो सकती हैं। उच्च रक्तचाप की वजह से हर साल बड़ी संख्या में लोगों की मौत हो जाती है। इस बीमारी के प्रति लोगों को जागरूक करने के लिए हर साल 17 मई को विश्व उच्च रक्तचाप दिवस मनाया जाता है। बीपी घटने पर व्यक्ति चाय, कॉफी व नमक का सेवन कर सकता है, लेकिन उसे चेकअप अवश्य करवाना चाहिए।
सामान्य व्यक्ति का बीपी 120 और 80 होता है।
डॉक्टर मनन गुप्ता ने बताया कि सामान्य व्यक्ति का ब्लड प्रेशर 120 और 80 होता है। इससे ज्यादा बीपी हो तो डॉक्टर से चेकअप कराना बेहद जरूरी है। वहीं इससे कम होने पर भी डॉक्टर से चेकअप अवश्य कराएं। बीपी बढ़ने से हृदय, मस्तिष्क और किडनी को गंभीर क्षति पहुंचती है। काफी लंबे समय से उच्च रक्तचाप होने पर दिल की मांसपेशियों में कमजोरी आ जाती है और हार्ट फेल होने की संभावना बढ़ जाती है।
ये हैं कारण
जीवनशैली में आए बदलाव, मानसिक तनाव, चिंता, गुस्सा, अनियमित खान-पान, धूम्रपान व शराब पीने आदि की वजह से उच्च रक्तचाप की संभावना बढ़ जाती है। तनाव, मोटापा और नमक के ज्यादा सेवन से भी यह बीमारी हो सकती है। इसके अलावा उच्च रक्तचाप की समस्या आनुवांशिक है। अगर परिवार का कोई सदस्य इस बीमारी से ग्रसित है तो उसे भी यह बीमारी हो सकती है।
बीपी बढ़ने और घटने के लक्षण
- बीपी बढ़ने पर सिर में दर्द
- अधिक पसीना आना, नाक से खून बहना
- सीने में दबाव महसूस होना
- आंखों से धुंधला दिखाई देना
- बेचैनी और घबराहट होना
- हाथ व पांव में सूनापन
- बीपी घटने पर कमजोरी महसूस होना
- चिड़चिड़ापन या चक्कर आना।
- उल्टी आना, नींद की समस्या।
पुरुषों को ज्यादा खतरा
उच्च रक्तचाप की समस्या महिला और पुरुष दोनों में होती है, लेकिन महिलाओं की तुलना में पुरुषों में उच्च रक्तचाप की समस्या ज्यादा होती है। खासकर उच्च रक्तचाप की समस्या 50 साल से अधिक उम्र के लोगों में अधिक होती है।