असंध की अनाज मंडी में गड़बड़ी की तथ्यों के साथ 72 पेजों की शिकायत की गई है। शिकायत के अनुसार, मंडी से डीएफएससी द्वारा 32 मिलों को 17 लाख 15 हजार 555 कट्टे धान भेजा गया था। इसके लिए कुल 2217 एग्जिट गेट पास जारी हुए। धान ढुलाई के लिए कुल 175 गाड़ियों का विभाग की ओर से इस्तेमाल किया गया।
आरोप है कि ई-खरीद पोर्टल के रिकार्ड के अनुसार 112 गाड़ियों के 570 चक्कर लगे ही नहीं। अधिकारियों ने इनके फर्जी गेटपास जारी किए। क्योंकि पोर्टल के रिकार्ड में इन गाड़ियों की जीपीएस लोकेशन और तय की गई दूरी शून्य दिखाई गई है। दिखाए गए फर्जी 570 चक्करों में कुल 4,41,781 बैगों का गबन हुआ है यानी साढ़े 37 किलोग्राम प्रति बैग के हिसाब से 1,65,677 क्विंटल धान की गड़बड़ी हुई है। जिसकी एमएसपी 2370 रुपये के हिसाब से 39.24 करोड़ रुपये के बनती है।
शिकायत के अनुसार, कुंजपुरा की अनाज मंडी में डीएफएससी की ओर से कुल 18 गाड़ियों के 119 फर्जी गेटपास काटे गए। इन गेटपासों से 83,633 कट्टे धान को आठ राइस मिलों में पहुंचाया गया। भेजे गए इस धान की साढ़े 3,700 रुपये प्रति किलोग्राम के हिसाब से 3.43 करोड़ रुपये कीमत बनती है। इन 18 गाड़ियों में से किसी ने 17 तो तो किसी ने एक या चार चक्कर लगाए हैं।
शिकायत के अनुसार, कुंजपुरा की अनाज मंडी में हैफेड द्वारा भी खरीद की गई। इस एजेंसी के प्रबंधक पर 3.37 करोड़ रुपये के फर्जीवाड़े का आरोप है। हैफेड की ओर से काटे गए 54 गेट पासों में 20 गाड़ियों के फर्जी चक्कर दिखाए गए हैं। इन गाड़ियों ने कुल 35,982 बैग सात राइस मिलों तक पहुंचाए। जबकि यह पहुंचे ही नहीं। यहां एक गाड़ी के एक से लेकर 12 तक फर्जी गेटपास काटे गए।