करनाल। नेशनल हाईवे-44 के नजदीक झंझाड़ी गांव में जमीन में दबे मिले आरडीएक्स के बम (आईईडी), दो हैंड ग्रेनेड, टाइमर आदि का पाकिस्तान से पंजाब के रास्ते करनाल पहुंचने का शक है। एसटीएफ के आईजी बी सतीश बालन का कहना है कि जिस तरह की यह सामग्री मिली है, इस तरह के हैंड ग्रेनेड और आईईडी अब तक पाकिस्तान से ही आते रहे हैं। करनाल लाने से पहले कई दिन यह विस्फोटक सामग्री मेरठ में भी छिपाकर रखी गई थी।
इस विस्फोटक सामग्री से धमाके करने की साजिश थी, जिसके लिए सिर्फ अमेरिका से गैंगस्टर नोनी राणा के इशारे का इंतजार था। इसी बीच नोनी राणा को अमेरिका में पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया और उसे आगे का निर्देश नहीं मिला। नोनी राणा के निर्देश पर ही इसे आगे पहुंचाया जाना था। एसटीएफ की गिरफ्त में आए मेरठ के सलावा गांव निवासी अमर सिंह ने 25 दिन पहले पंजाब से इस विस्फोटक सामग्री को लिया था। वहां पर यह सामग्री कहां से आई थी, इसे लेकर एसटीएफ, पंजाब पुलिस सहित अन्य एजेंसियां जांच में जुटी हैं। पूछताछ में सामने आया है कि इस विस्फोटक सामग्री को लाने के बाद आरोपी इसे पहले मेरठ ले गया था। कुछ दिन तक इसे वहां पर अपने पास रखा। इसके बाद जब पुलिस की सख्ती बढ़ी तो अमर सिंह इसे करनाल ले आया और सुनसान व सुरक्षित जगह देखकर इसे कट्टे में डालकर जमीन में दबा दिया। ताकि अगला निर्देश मिलने के बाद इसे दोबारा निकालकर आगे पहुंचाया जा सके। लेकिन 25 नवंबर को विदेशी पिस्टल लेकर गुजरात नंबर की कार से आरोपी करनाल आया था, तब गुप्त सूचना पर इंद्री रोड से एसटीएफ ने दबोचा था। अब एसटीएफ सहित अन्य एजेंसियां इसे आतंकी साजिश के एंगल से भी जांच कर रही हैं।
गैंगस्टर काला राणा का छोटा भाई है नोनी राणा
करनाल के औंगध गांव में जन्मे गैंगस्टर बने काला राणा इन दिनों जेल में बंद हैं। नोनी राणा उसका छोटा भाई है। यह भी अलग गैंग चलाता है। बचपन में करनाल से इनका परिवार यमुनानगर में शिफ्ट हो गया था। मोस्ट वांटेड नोनी राणा काफी समय से अमेरिका में था। पिछले दिनों अमेरिका स्थित नियाग्रा बॉर्डर इलाके में उसे गिरफ्तार किया गया है। गैंगस्टर आरोपी अमेरिका से कनाडा की तरफ भागने की फिराक में था।
ट्रिपल मर्डर और अपहरण कर हत्या कर चुका है अमर सिंह
कुख्यात अपराधी अमर सिंह पर ट्रिपल व डबल मर्डर, लूट, अपहरण और आर्म्स एक्ट सहित कई संगीन धाराओं में यूपी के नोएडा, गाजियाबाद और हरियाणा के अंबाला, यमुनानगर में 10 केस दर्ज हैं। इन मामलों में आरोपी कई बार जेल भी जा चुका है। अमर सिंह ने अक्तूबर 2017 में नोएडा-गाजियाबाद सीमा पर विधायक पद के उम्मीदवार शिव कुमार यादव और उनके चालक धर्मदत्त व गनमैन की गोली मारकर हत्या की थी। इसके बाद फरारी के दौरान मई 2018 में मुलाना में गैंगस्टर मोनू राणा से जुड़ने के बाद अंबाला के बराड़ा निवासी विवेक राणा का अपहर्ण करके डेरा बस्सी पंजाब में हत्या की थी।
जेल में मोनू राणा के साथ दोस्ती के बाद गैंग में हुआ था शामिल
एसटीएफ के एसपी वसीम अकरम ने बताया कि अमर सिंह को 2017 में यूपी में हत्या की वारदात के बाद अंबाला जेल में शिफ्ट किया गया था। यहां गैंगस्टर मोनू राणा भी बंद था। यहीं पर उसकी मोनू राणा के साथ नजदीकियां बढ़ीं और बाद में दोस्ती में बदल गई। इसके बाद मोनू राणा के माध्यम से ही वह यूएसए में बैठे नोनी राणा के संपर्क में आया था। अमर सिंह सोशल मीडिया की अलग-अलग चेटिंग एप्स के माध्यम से गैंगस्टर नोनी राणा से बात करता था। इसी बातचीत के दौरान ही उसे विस्फोटक सामग्री लाने का टास्क मिला था।
वर्जन
जिस तरह की विस्फोटक सामग्री बरामद हुई है। पिछले मामले देखें तो ऐसी सामग्री पाकिस्तान से ही आती पाई गई। हालांकि अभी इसका कोई सबूत नहीं है कि करनाल में यह पाकिस्तान से ही आई है। लेकिन इस एंगल पर एसटीएफ सहित अन्य टीमें जांच कर रही हैं।
- बी सतीश बालन, आईजी, एसटीएफ