सिरसा। गांव खारिया निवासी एक महिला को उसके पति के ही साथी सब इंस्पेक्टर द्वारा फोन पर धमकी देने का मामला सामने आया है। महिला ने शुक्रवार को पुलिस अधीक्षक दीपक सहारन को इसकी शिकायत भेजी। इसके बाद जांच शुरू कर दी गई है।
शिकायतकर्ता मीरा ने बताया कि उसके पति हरियाणा पुलिस में सब इंस्पेक्टर है और वर्तमान में उनकी ड्यूटी करनाल में है। वे जाट आरक्षण मामले की जांच कर रही एसआईटी में तैनात है। 11 फरवरी की शाम करीब 7 बजे उसके मोबाइल पर अज्ञात नंबर से फोन आया। कॉल करने वाले ने बिना परिचय दिए पति के बारे में पूछा। मीरा ने बताया कि पति ड्यूटी पर गए हुए हैं तो फोन करने वाले ने अभद्र भाषा का इस्तेमाल शुरू कर दिया। आरोप है कि उसने धमकी दी कि मैं तेरे घर वाले को मारकर टुकड़े-टुकड़े कर दूंगा। मीरा का कहना है कि वह घबरा गई और फोन काट दिया, लेकिन उस व्यक्ति ने पूरी रात 100 से ज्यादा कॉल की। डर के कारण उसने कॉल रिसीव नहीं की। वह रातभर सो नहीं पाईं। धमकी देने वाला व्यक्ति भी हरियाणा पुलिस में सब इंस्पेक्टर है और हांसी का रहने वाला है। फिलहाल करनाल में ही तैनात है। पहले सिरसा पुलिस की शिकायत शाखा में तैनात रह चुका है। एसपी दीपक सहारन ने बताया कि शिकायत की जांच करवाई जा रही है। दोषी पाए जाने पर संबंधित सब इंस्पेक्टर के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
मोबाइल छीनने वाले दोषी को पांच साल कैद
संवाद न्यूज एजेंसी
सिरसा। रेलवे स्टेशन पर बैठे यात्री के हाथ से मोबाइल छीनने वाले दोषी को जिला एवं सत्र न्यायालय ने पांच साल कैद व पांच हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। जुर्माना न भरने पर एक माह अतिरिक्त कारावास भुगतना पड़ेगा। दोषी सिद्धार्थ वार्ड नंबर सात मंडी डबवाली का रहने वाला है।
पुलिस को दी शिकायत में सुनील कुमार निवासी गांव सीतामाई, जिला करनाल ने बताया था कि वह डबवाली की वीआरसी कंपनी में काम करता है। 23 अगस्त 2023 को वह ट्रेन में सवार होकर रात ढाई बजे डबवाली रेलवे स्टेशन पर पहुंचा। इसके बाद वह स्टेशन पर सो गया। सुबह आठ बजे उठाकर वह मोबाइल में मैसेज देख रहा था। इसी दौरान एक युवक आया और उसके हाथ से मोबाइल छीनकर भाग गया। पुलिस ने मामले की जांच करते हुए आरोपी सिद्धार्थ को गिरफ्तार कर उसके कब्जे से मोबाइल बरामद कर लिया। सरकारी अधिवक्ता पलविंदर सिंह बताया कि शुक्रवार को जिला एवं सत्र न्यायाधीश पुनीश जिंदिया ने इस मामले का निपटारा करते हुए दोषी सिद्धार्थ को पांच साल कैद की सजा सुना दी।