माई सिटी रिपोर्टर
करनाल। शिक्षा के साथ लोकतांत्रिक मूल्यों को जोड़ने की दिशा में अब स्कूलों में अनोखा प्रयोग होने जा रहा है। विद्यार्थी खुद अपने पसंदीदा शिक्षक का चुनाव करेंगे। अमर उजाला शिक्षक सम्मान कार्यक्रम के तहत शुरू हो रही इस पहल को लेकर शुक्रवार को अमर उजाला कार्यालय में आयोजित संवाद में शिक्षकों ने इसे शिक्षा और लोकतंत्र के संगम की मिसाल बताया। उनका कहना था कि इस पहल से बच्चों को किताबों से बाहर निकलकर लोकतांत्रिक प्रक्रिया को व्यवहार में समझने का अवसर मिलेगा।
संवाद में शामिल शिक्षकों ने कहा कि अब तक शिक्षक विद्यार्थियों का मूल्यांकन करते आए हैं लेकिन इस बार भूमिका उलट होगी। बच्चे अपने अनुभव के आधार पर शिक्षकों को परखेंगे और मतदान के जरिये अपना पसंदीदा शिक्षक चुनेंगे। इससे विद्यार्थियों में मतदान के प्रति समझ के साथ जिम्मेदारी और निष्पक्ष निर्णय लेने की क्षमता विकसित होगी। शिक्षकों का मानना है कि यह पहल केवल सम्मान तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि इससे शिक्षण प्रणाली में भी सकारात्मक बदलाव आएगा। शिक्षक अपने व्यवहार और पढ़ाने के तरीके को बेहतर बनाने का प्रयास करेंगे, वहीं विद्यार्थियों में लोकतांत्रिक मूल्यों की नींव मजबूत होगी।
यह है योजना
योजना के तहत स्कूलों में पूरी प्रक्रिया चुनाव की तर्ज पर कराई जाएगी। विद्यार्थियों की उंगली पर स्याही लगाकर मतदान कराया जाएगा, ताकि उन्हें वास्तविक चुनाव जैसा अनुभव मिल सके। जूनियर और सीनियर वर्ग के शिक्षकों के नामांकन होंगे। मतदान के बाद जिस शिक्षक को सबसे अधिक वोट मिलेंगे, उन्हें शिक्षक दिवस पर सम्मानित किया जाएगा।
यह बोले शिक्षक
बच्चे व्यावहारिक रूप से समझेंगे लोकतंत्र
डीएवी सेंटेनरी पब्लिक स्कूल की एकता ने कहा कि यह पहल बच्चों को किताबों से बाहर निकालकर व्यावहारिक जीवन में लोकतंत्र समझने का अवसर देगी।
निर्णय क्षमता और आत्मविश्वास बढ़ेगा
पीएमश्री प्रेमनगर विद्यालय के राज सिंह ने कहा कि जब बच्चे खुद शिक्षक का चयन करेंगे तो उनमें निर्णय लेने की क्षमता और आत्मविश्वास दोनों बढ़ेंगे।
शिक्षकों के आत्ममूल्यांकन का मौका
एसडी बाल मंदिर, रामनगर की दीप्ति ने कहा कि यह शिक्षकों के लिए आत्ममूल्यांकन का भी अवसर है। बच्चों के नजरिए से देखने से सुधार का मौका मिलेगा।
स्वस्थ प्रतिस्पर्धा का माहौल बनेगा
एसडी बाल मंदिर की गरिमा ने कहा कि अगर यह पहल नियमित रूप से हो तो स्कूलों में स्वस्थ प्रतिस्पर्धा का माहौल बनेगा। शिक्षक-विद्यार्थी संबंध मजबूत होंगे।
शिक्षकों की जवाबदेही और बढ़ेगी
एसबीएस स्कूल के पुनीत कुमार ने कहा कि बच्चों के वोट से चयन होने का मतलब है कि शिक्षक का आचरण और पढ़ाने का तरीका सीधे विद्यार्थियों से जुड़ा है।
ग्रामीण विद्यार्थियों के लिए भी उपयोगी
जीजीएसएसएस प्रेमनगर की उषा रानी और उपासना ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्र के विद्यार्थियों के लिए यह पहल बेहद उपयोगी है। लोकतंत्र की अहमियत समझेंगे।
सकारात्मक बदलाव वाला कदम
कविता रानी ने कहा कि यह केवल सम्मान समारोह नहीं, बल्कि शिक्षा में सकारात्मक बदलाव की दिशा में बड़ा कदम है। बच्चों में लोकतंत्र की समझ बढ़ेगी।
निष्पक्षता और पारदर्शिता सीखेंगे बच्चे
एसडी आदर्श स्कूल की आरती शर्मा ने कहा कि इससे बच्चों में निष्पक्षता और पारदर्शिता की भावना विकसित होगी और वे सही निर्णय लेना सीखेंगे।
किताबों से आगे लोकतंत्र का अनुभव
एसएनएस पब्लिक स्कूल की ममता रानी ने कहा कि मतदान प्रक्रिया बच्चों को किताबों से आगे बढ़कर लोकतंत्र को व्यवहार में समझने का मौका देगी।