माई सिटी रिपोर्टर
करनाल (जलमाना)। राजकीय माध्यमिक विद्यालय मंचूरी महज एक शिक्षक के सहारे ही चल रहा है। जबकि विद्यार्थियों की संख्या 90 है। स्कूल में सुविधाओं की भी कमी है। मंगलवार को विद्यार्थी और ग्रामीण इन समस्याओं के समाधान की मांग के लिए गांव से करनाल के लिए निकल पड़े। उपायुक्त कार्यालय के घेराव के लिए पैदल कूच करने की सूचना मिलते ही विभाग में हड़कंप मच गया। आनन फानन दो शिक्षकों की नियुक्ति के आदेश जारी कर दिए गए। साथ ही अन्य समस्याओं के समाधान का आश्वासन दिया गया। रास्ते में गर्मी के कारण चार छात्राएं बेहोश भी हो र्गइं। जिन्हें प्राथमिक उपचार दिया गया।
जैसे ही विद्यार्थी पैदल आगे बढ़ने लगे, इधर से जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी रोहताश वर्मा भी उन्हें समझाने के लिए रवाना हो गए। डीईईओ जब तक उनके पास पहुंचे वे गांव से 12 किलोमीटर आगे निकल चुके थे। उन्होंने ग्रामीणों को समझाया और दो शिक्षकों की नियुक्ति का आदेश दिखाया। इसके बाद वे शांत हुए और बच्चों को वापस गांव भेजा गया। वहीं अन्य समस्याओं को लेकर 11 सदस्यों का प्रतिनिधिमंडल करनाल में उपायुक्त अनीश यादव से मिलने पहुंचा। उपायुक्त ने स्कूल के कमरों की स्थिति ठीक करने, शौचालयों और पीने के पानी की व्यवस्था जल्द करने का आश्वासन दिया। वहीं कतलाहेड़ी से छात्रों को निजी स्कूलों की बसों में घर पहुंचा दिया गया। स्कूल में शिक्षकों की कमी और अन्य मांगों को लेकर विद्यार्थियों और ग्रामीणों ने दो दिन पहले प्रदर्शन भी किया था। इस दौरान खंड शिक्षा अधिकारी परगट सिंह ने शिक्षकों की नियुक्ति का आश्वासन दिया था। शिक्षक न मिलने पर एक दिन पूर्व चेतावनी देने के बाद विद्यार्थियों ने उपायुक्त कार्यालय के घेराव के लिए कूच किया।
खंड शिक्षा अधिकारी की नहीं सुनीं
राजकीय माध्यमिक विद्यालय मंचूरी में शिक्षकों की कमी से जूझ रहे विद्यार्थियों ने मंगलवार सुबह स्कूल के मुख्य द्वार पर एकत्रित होकर बस स्टैंड मंचूरी से नेशनल हाईवे होते हुए पक्काखेड़ा, प्योंत टोल से जुंडला होते हुए करनाल उपायुक्त कार्यालय के लिए पैदल कूच किया। गांव से कूच करने से पूर्व छात्रों और अभिभावकों को खंड शिक्षा अधिकारी ने समझाने की कोशिश की, लेकिन ग्रामीणों ने एक न सुनी और नारेबाजी करते हुए पैदल करनाल की ओर चल पड़े।
कुछ बच्चे नंगे पांव चले, ग्रामीणों ने पिलाया पानी
कूच के दौरान कई विद्यार्थी नंगे पांव चल पड़े। जबकि कई किलोमीटर आगे आने पर कुछ विद्यार्थियों की चप्पलें भी टूट गईं। रास्ते में कई जगह विभिन्न गांवों के लोगों ने बच्चों को पानी पिलाया। ग्रामीण जितेंद्र कश्यप, रोहतास कश्यप और राजबीर कश्यप ने बताया कि जब हम छात्रों सहित कतलाहेड़ी और जुंडला के बीच पहुंचे तो मौलिक जिला शिक्षा अधिकारी ने बीच रास्ते रोक लिया और उक्त मांगों को मानते हुए लिखित रूप में दिया। सरकार को गांवों के स्कूलों की स्थिति पर भी ध्यान देना चाहिए।
आज ड्यूटी पर आएंगे दोनों शिक्षक
जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी रोहताश वर्मा ने बताया कि दो शिक्षकों का नजदीकी स्कूलों से यहां तबादला किया गया है। स्कूल कुछ समय पूर्व ही अपग्रेड हुआ था। यहां केवल अंग्रेजी और एसएस पढ़ाने वाला एक शिक्षक था। अब हिंदी और साइंस का शिक्षक लगाया है। कमरे बनाने के लिए मांग भेजी है। साथ लगते प्राइमरी स्कूल में दो कमरे अतिरिक्त हैं। दोनों स्कूलों की छात्र संख्या 250 है। इनमें से 90 विद्यार्थी माध्यमिक स्कूल के हैं।
व्यवस्था के लिए डीडीपीओ की लगाई जिम्मेवारी
खंड शिक्षा अधिकारी प्रगट सिंह ने बताया कि ग्रामीणों की उपायुक्त के साथ बैठक कराई थी। ग्रामीणों की सारी मांगें मान ली हैं। सुबह दो अध्यापक और भेज दिए जाएंगे, साथ ही शौचालय निर्माण और पीने के पानी की समस्या दूर की जाएगी। बिजली कनेक्शन करवाया जाएगा। अन्य इंतजाम करने के लिए भी उपायुक्त ने डीडीपीओ की जिम्मेदारी लगाई है।