माई सिटी रिपोर्टर
करनाल। सौर ऊर्जा से अब वाहन चलाने के साथ-साथ कंबाइन से भी काम किया जा सकेगा। इसके अलावा स्मार्ट सिस्टम को अपनाकर हम शहर की हवा को भी शुद्ध कर सकते हैं। भविष्य में प्रदूषण की बढ़ती समस्या के समाधान के रूप में नन्हें विद्यार्थियों ने यह समाधान एवं विकल्प सुझाए हैं। मौका था जिला स्तरीय राष्ट्रीय बाल वैज्ञानिक प्रदर्शनी का।
प्रदर्शनी का आयोजन जिला शिक्षा विभाग की ओर से शेखपुरा खालसा सीनियर सेकेंडरी स्कूल के मैदान में किया गया। कक्षा छठी से 12वीं तक के 126 विद्यार्थियों ने उत्साह से हिस्सा लिया। विद्यार्थियों ने विज्ञान से संबंधित सात विषयों पर आधारित मॉडल प्रस्तुत करके भविष्य में पैदा होने वाली समस्याओं के समाधान सुझाए।
कार्यक्रम की अध्यक्षता जिला विज्ञान विशेषज्ञ दीपक वर्मा ने की। मुख्यातिथि जिला शिक्षा अधिकारी सुदेश ठुकरालने प्रदर्शनी का अवलोकन किया और मॉडलों के बारे में विद्यार्थियों से विस्तृत चर्चा की। दीपक वर्मा ने कहा कि प्रदर्शनी का मुख्य उद्देश्य बच्चों में विज्ञान के प्रति रचनात्मक एवं विश्लेषणात्मक प्रवृत्ति पैदा करना है।
उन्होंने विद्यार्थियों को मॉडलों की मौखिक प्रस्तुति को और धारधार बनाने का सुझाव दिया। प्रदर्शनी में निर्णायक की भूमिका रवि कुमार, विक्रम हांडा, राजकुमार, सपना, मिनी शर्मा, संजय कुमार, संदीप मेहरा और जयवीर सिंह ने निभाई। प्रधानाचार्य हरमीत कौर व प्रशासक राणा सिमरण सिंह ने अतिथियों का स्वागत किया। इस अवसर पर जिला एफएलएन समन्वयक विपिन कुमार, एपीसी पवन कुमार, प्राध्यापक अरुण कुमार कैहरबा, दलीप सिंह, अंजू लाठर, डॉ. पवन कुमार, वीरेंद्र वर्मा, किशोर कुमार आदि मौजूद रहे। वैज्ञानिक सोच को बढ़ावा देना उद्देश्य : सुदेश
जिला शिक्षा अधिकारी सुदेश ठुकराल ने कहा कि विज्ञान प्रदर्शनियां जहां विचारों एवं रचनात्मक कौशलों का प्रयोग करके बनाए गए विद्यार्थियों के मॉडलों को मंच प्रदान करती हैं, वहीं शिक्षा को आनंद के साथ सीखने का भी माध्यम बनती हैं। ऐसी शिक्षा का उद्देश्य विज्ञान के प्रति रुचि पैदा करके वैज्ञानिक सोच को बढ़ावा देना है। प्रतियोगिता में राजकीय विद्यालय के बच्चों ने विभिन्न मॉडलों जैसे वर्षा जल संग्रहण, प्राकृतिक खेती, स्वास्थ्य, जलवायु परिवर्तन, गणित फार्मूले, कचरा प्रबंधन इत्यादि के बेहतरीन 126 मॉडल प्रस्तुत किए।
ये रहे परिणाम
- खाद्य स्वास्थ्य और स्वच्छता : राजकीय मॉडल संस्कृति वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय तरावड़ी से छवि प्रथम, राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय प्रेमनगर की खुशी द्वितीय, राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय शेखपुरा सुहाना से प्रिंस तृतीय।
- परिवहन और संचार : राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय घीड़ के विशाल प्रथम, केडीएमएसएसएस घरौंडा की भावना द्वितीय, जीएमएसएसएसएस निगदू की श्रुति तृतीय।
- प्राकृतिक खेती : जीएसएसएस चिड़ाव की निशा प्रथम, जीएसएसएस घोलपुरा के समर द्वितीय, राजकीय मॉडल संस्कृति वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय घरौंडा के वंश तृतीय।
- आपदा प्रबंधन : जीएसएसएस शेखपुरा सुहाना के अरमान खान प्रथम, जीएमएसएसएसएस निसिंग के सागर द्वितीय, राजकीय मॉडल संस्कृति वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय ब्याना की देवांशी तृतीय।
- गणित : राजकीय मॉडल संस्कृति वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय तरावड़ी के रोहित प्रथम, बरसत स्कूल से आयुष द्वितीय, इंद्री स्कूल की वंशिका तृतीय।
- कचरा प्रबंधन : निसिंग स्कूल की वंशिका प्रथम, शेखपुरा सुहाना के प्रिंस दूसरे और इंद्री के विशाल ने तीसरा स्थान पर रहे।
- संसाधन प्रबंधन : घरौंडा स्कूल के संयम प्रथम, निसिंग स्कूल के हर्षप्रीत सिंह द्वितीय, पीएमश्री स्कूल असंध की मुस्कान तृतीय रही।