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यूजी और पीजी कोर्सों की फीस में औसतन 500 रुपये बढ़ोतरी पर विद्यार्थी नाराज, कॉलेज पर जड़ा ताला

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करनाल: फीस वृद्वि के विरोध में पंडित चिरंजीलाल शर्मा पीजी कालेज का मुख्य गेट बंद कर चल रहे प्रदर्? - फोटो : Karnal
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यूजी और पीजी कोर्सों के लिए औसतन 500 रुपये फीस बढ़ोतरी पर विद्यार्थियों में गुस्सा है। बुधवार को विद्यार्थियों ने पंडित चिरंजीलाल शर्मा राजकीय पीजी कॉलेज के गेट पर ताला भी जड़ दिया। करीब डेढ़ घंटे तक फीस बढ़ोतरी के विरोध में उन्होंने सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। इसके बाद बीडीपीओ को सीएम के नाम ज्ञापान सौंपा। विद्यार्थियों ने चेताया कि अगर सरकार ने समय पर बढ़ी फीस का निर्णय वापस नहीं लिया, तो सभी विद्यार्थी मिलकर आंदोलन करेंगे।
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बुधवार को फीस बढ़ोतरी के विरोध में हुए प्रदर्शन में एसएफआई, एनएसयूआई व इनसो के छात्र नेताओं ने विद्यार्थियों के साथ प्रदर्शन किया। सुबह करीब 10 बजे विद्यार्थी कॉलेज गेट के सामने एकत्रित हुए। गेट पर ताला जड़ा और करीब साढ़े 11 बजे तक जमकर नारेबाजी की। जिले के 14 कॉलेजों में स्नातक की 8600 सीटों पर दाखिले होने हैं। उच्चतर शिक्षा विभाग और यूनिवर्सिटी की ओर से रिवाइज की गई फीस से कॉलेजों के विभिन्न कोर्सों में औसतन 500 रुपये तक पढ़ाई महंगी हुई है। विद्यार्थियों का कहना है कि फीस बढ़ोतरी के कारण इन सीटों पर दाखिला लेने वाले सभी विद्यार्थियों को परेशानी उठानी पड़ रही है।
सबको शिक्षा देने का वादा, फीस बढ़ा कर रहे वंचित
प्रदर्शन के दौरान एसएफआई के राज्य नेतृत्व से विनोद, अमन जोशी, विकास, इनसो के राहुल तोमर, एनएसयूआई के अमन पन्नु, एसएफआई नेत्री ऋतु, अक्षय, विकास, अनुराग, अश्वनी आजाद, अमित, अमन पांचाल व राजू शामिल रहे। उनका कहना है कि विद्यार्थी इतनी ज्यादा फीस भरने में असमर्थ हैं। एक तरफ तो सरकार के बयान आते है कि हम सबको शिक्षा देंगे व सबको रोजगार देंगे। इधर कॉलेजों की फीस बढ़ाकर अनावश्यक रूप से बढ़ाकर छात्रों को पढ़ाई से वंचित करना चाहती है।
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ज्यादातर विद्यार्थी गरीब परिवार से फीस बढ़ाना इनके हित में नहीं
विद्यार्थियों ने आरोप लगाते हुए कहा कि देश में इस समय सबसे ज्यादा बेरोजगारी है। वहीं उच्च शिक्षा की फीस में बढ़ोतरी करना विद्यार्थियों को शिक्षा से बहार करने की मानसिकता को प्रदर्शित करता है। सरकारी कॉलेजों में दाखिला लेने वाले ज्यादातर विद्यार्थी मध्यम वर्ग, किसान और मजदूरों के परिवारों से संबंध रखते हैं। विद्यार्थी इतनी ज्यादा फीस भरकर अपनी पढ़ाई जारी नहीं रख सकते। छात्रों का कहना है कि इस सत्र में सभी कक्षाओं की फीस को बढ़ाने के कारण गरीब छात्रों पर बुरा प्रभाव पड़ेगा।
उच्चतर शिक्षा विभाग और यूनिवर्सिटी की ओर से कई मदों में फीस रिवाइज की गई है। यह फीस भी करीब 20 साल बाद बढ़ी है। इससे करीब 500 रुपये तक कुल फीस के रेट में इजाफा हुआ है। इस बार कॉलेज शेयर भी फीस में शामिल किया गया है।
-डा. रेखा शर्मा, प्रिंसिपल, पंडित चिरंजीलाल शर्मा गवर्नमेंट पीजी कॉलेज करनाल।

करनाल: फीस वृद्वि के विरोध में पंडित चिरंजीलाल शर्मा पीजी कालेज का मुख्य गेट बंद कर प्रदर्शन करते- फोटो : Karnal

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