फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Karnal News: स्ट्रीट लाइटें लगीं पर आज तक नहीं मिला कनेक्शन

विज्ञापन
विज्ञापन
- हांसी रोड पर ज्यादातर अवैध क्षेत्र में रह रहे लोग, मूलभूत सुविधाओं का इंतजार
विज्ञापन


माई सिटी रिपोर्टर
करनाल। वार्ड-16 में भले ही नगर निगम ने करोड़ों रुपये के विकास कार्य करवाए हों, लेकिन ज्यादातर क्षेत्र आज भी मूलभूत सुविधाओं के इंतजार में हैं। कई कॉलोनियां ऐसी हैं, जहां पर सड़कें तक नहीं हैं। कहीं सीवर लाइन नहीं तो कहीं पीने के पानी की दिक्कत है। अवैध क्षेत्र में होने का दंश भी यहां के लोगों को झेलना पड़ रहा है।
कुष्ठ रोगी कॉलोनी के लोगों को तो अब सरकारी मदद मिलनी बंद हो गई है। जिसकी वजह से परेशानी बढ़ी है। इस कॉलोनी में सिर्फ एक घर ही पक्का है। सरकारी अन्य योजनाएं तो दूर इनको प्रधानमंत्री आवासीय योजनाओं का लाभ तक नहीं मिल पाया है। वार्ड में कुछ क्षेत्र ऐसे भी हैं जहां सिर्फ दिखाने के लिए स्ट्रीट लाइटें तो लगा दी गई हैं, लेकिन इनका कनेक्शन आज तक नहीं कराया जा सका। वार्ड में 15505 मतदाता हैं। इनमें 8168 पुरुष और 7337 महिला मतदाता हैं। अबकी बार वार्डबंदी में वार्ड को सामान्य महिला के लिए आरक्षित किया गया है।
विज्ञापन





वार्ड की प्रमुख समस्याएं

- हांसी रोड क्षेत्र में कई कॉलोनियां अवैध हैं, जो नियमित नहीं हो सकीं।
- इंदिरा चक्रवर्ती ग्राम में लोगों को मूलभूत सुविधाएं नहीं मिल रहीं।
- वार्ड में ज्यादातर सड़कें जर्जर हैं।
- बालाजी कॉलोनी में मूलभूत सुविधाओं का अभव है।

पीपीपी ने बढ़ाई परेशानी
कॉलोनी के लोग दान-मदद पर निर्भर थे। इनकी परिवार पहचान पत्र में आय को गलती से ज्यादा दिखा दिया। जिससे कई बुजुर्गों की पेंशन कट गई। कई के राशन कार्ड बंद हो गए।
- रवि कुमार
कॉलोनी में सिर्फ एक घर पक्का
यहां ज्यादातर लोग आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के हैं। कॉलोनी में सिर्फ एक मकान पक्का है। बाकी कच्चे मकान हैं। इनकी छत तक कच्ची हैं। इसके बावजूद किसी का इस ओर ध्यान नहीं है।
-लता देवी
यहां पेंशन शिफ्ट भी नहीं हो पाई। अब भी पेंशन लेने के लिए पंजाब के संगरूर जाना पड़ता है। पेंशन से ही गुजर बसर हो रहा है। कॉलोनी में सफाई कर्मी भी कभी कभार आते हैं।
-लता रानी
हर प्रकार समस्या है:
बालाजी कॉलोनी में करीब 3600 लोगों की आबादी है। यहां आज तक न सड़कें बनीं न गलियां। सीवर और पेयजल लाइन भी नहीं है। दो साल पहले स्ट्रीट लाइट लगाई गई थी, लेकिन कनेक्शन ही नहीं दिए।
विज्ञापन

-देवेंद्र
कॉलोनी की गलियों में भी यहां के लोगों ने मलबा डालकर भरत कराया है। ये कॉलोनी आज भी वैध नहीं हैं। जबकि यहां 80 प्रतिशत से ज्यादा एरिया बस चुका है। जिसकी वजह से लोगाें को मूलभूत सुविधाएं नहीं मिल रही हैं।
-लख्मीचंद
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें