- 21 दिसंबर को कर्ण नगरी में होगा लोधी समाज का राष्ट्रीय अधिवेशन, 22 को केंद्रीय राज्य मंत्री करेंगे प्रतिमा का अनावरण, सीएम को भी दिया निमंत्रण
अमर उजाला खबर का असर
गगन तलवार
करनाल। सदर बाजार में महीनों से स्थापित अमर शहीद वीरांगना महारानी अवंतीबाई लोधी की प्रतिमा के लोकार्पण की तिथि तय हो गई है। 21 दिसंबर को कर्ण नगरी में अखिल भारतीय लोधी समाज का राष्ट्रीय अधिवेशन होगा और इससे अगले दिन 22 दिसंबर को इस प्रतिमा का अनावरण किया जाएगा। प्रतिमा का अनावरण केंद्रीय राज्य मंत्री बीएल वर्मा करेंगे। इसके अलावा हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी को भी निमंत्रण दिया गया है।
विदित हो कि अमर उजाला ने शहर में विभिन्न जगहों पर स्थापित महानुभावों की प्रतिमाओं के ढके होने व अनावरण के इंतजार को लेकर माननीयों द्वारा समय न देने के मामले को प्रमुखता से उठाया था। सात नवंबर के अंक में इस समाचार को प्रमुखता से प्रकाशित किया गया। इस पर संज्ञान लेते हुए अखिल भारतीय लोधी महासभा के राष्ट्रीय महासचिव एवं करनाल के जिलाध्यक्ष सुरिंद्र लोधी ने अनावरण की तिथि के समय को तय किया है।
अमर उजाला से बातचीत में उन्होंने बताया कि प्रतिमा को स्थापित हुए कई माह बीत चुके हैं, लेकिन अनावरण के लिए समय नहीं मिल पाया। समाज की ओर से करनाल में राष्ट्रीय अधिवेशन किया जा रहा है। अब इससे अगले दिन ही प्रतिमा का अनावरण किया जाएगा। वीरवार को करनाल पहुंचे सीएम नायब सैनी से मुलाकात करके भी मुख्यातिथि के रूप में पहुंचने के लिए निमंत्रण दिया है। उम्मीद है, उनका समय मिलेगा। इसके अलावा अधिवेशन में मुख्यातिथि के रूप में आने वाले केंद्रीय राज्य मंत्री बीएल वर्मा, मध्यप्रदेश के कैबिनेट मंत्री प्रहलाद पटेल, उत्तर प्रदेश के कैबिनेट मंत्री धर्मपाल लोधी और उन्नाव की सांसद साक्षी महाराज के हाथों ही प्रतिमा का अनावरण किया जाएगा। राष्ट्रीय अधिवेशन में देश के 18 राज्यों के लोग पहुंचेंगे। रामलीला मैदान में होने वाले आयोजन में समाज को एकजुट और कुरीतियों से दूर करने को लेकर चर्चा की जाएगी।
उज्जैन से तैयार हुई है पहली महिला वीरांगना की प्रतिमा
राष्ट्रीय महासचिव के अनुसार, भारत की पहली महिला शहीद वीरांगना रानी अवंती बाई की प्रतिमा को उज्जैन से तैयार कराया गया। करीब पांच लाख रुपये की लागत से फाइबर की इस प्रतिमा को आर्टिस्ट रघुनंदन नरवरिया ने बनाया है। साढ़े 12 फुट की ऊंची प्रतिमा साढ़े सात फुट का चबूतरे पर स्थापित है। रानी की 1857 के भारतीय विद्रोह में अहम भूमिका रही। वे मध्य प्रदेश के रामगढ़ (वर्तमान डिंडोरी) की रानी थीं।
भगवान परशुराम के चबूतरे का कार्य होगा तेज
इधर, कर्ण कैनाल में स्थापित भगवान परशुराम की प्रतिमा के अनावरण के लिए भी तैयारियां तेज हो गई हैं। ब्राह्मण धर्मशाला के प्रधान सुरेंद्र शर्मा बड़ौता ने बताया कि चबूतरे के सुंदरीकरण का कार्य शेष है। प्रशासन से इसे शीघ्र कराने के लिए मांगपत्र दे दिया है। ताकि शीघ्र कार्य पूरा किया जा सके और प्रतिमा पर शीशे लगवाने के बाद ही इसका अनावरण कराएंगे। भगवान परशुराम चौक पर भी सुंदरीकरण का कार्य चुनावों के कारण बीच में ही रुक गया था। इसे एक माह में पूरा कराने के लिए प्रशासन से मांग की है। ताकि प्रतिमा का लोकार्पण हो सके। जयपुर से प्रतिमा को तैयार कराया गया था।