करनाल। निर्माण कार्यों के लिए अब खेल विभाग को अन्य विभागों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा। अब खेल विभाग एक करोड़ रुपये तक की लागत के कार्यों पर स्वयं निर्णय ले सकेगा। खेल एवं युवा कार्यक्रम राज्य मंत्री संदीप सिंह की अध्यक्षता में हुई स्पोर्ट्स एंड फिजिकल अथॉरिटी ऑफ हरियाणा की एक्जीक्यूटिव कमेटी की बैठक में यह निर्णय लिया गया।
प्रदेश भर में खेल विभाग के अंतर्गत आने वाले तीन राज्य स्तरीय खेल परिसर, 21 जिला स्तरीय खेल परिसर, 13 सब डिवीजनल स्टेडियम और 136 राजीव गांधी ग्रामीण खेल परिसरों के रख रखाव और छोटे-बडे़ निर्माण कार्य कराने में खेल विभाग को कई विभागों और प्रक्रियाओं से गुजरना पड़ता था। जिसके चलते कार्य में देरी होती थी, जिसका खामियाजा खिलाड़ियों को भुगतना पड़ता था। 22 नवंबर को 2021 को मुख्यमंत्री मनोहर लाल की अध्यक्षता में अथॉरिटी की गवर्निंग बॉडी की बैठक हुई थी। जिसमें उन्होंने ने निर्देश जारी कर कहा था कि भविष्य में खेल एवं युवा कार्यक्रम विभाग अपने निर्माण एवं मरम्मत से जुड़ी परियोजना स्वयं पूरी करने के लिए जरूरी तकनीकी अधिकारी व कर्मचारी अनुबंध के आधार पर नियुक्त करे। इस संदर्भ मं हाल ही में खेल मंत्री ने बैठक की, जिसमें खेल विभाग द्वारा एक करोड़ रुपये तक की लागत के निर्माण व मरम्मत और रखरखाव की परियोजनाएं फिटनेस ऑथारिटी के माध्यम से करवाने का प्रस्ताव पास कर दिया गया।
खिलाड़ियों पर नहीं पड़ने दिया जाएगा असर
वित्त विभाग की सचिव एवं सलाहकार सोफिया दहिया ने कहा कि स्पोर्ट्स एंड फिजिकल फिटनेस अथॉरिटी ऑफ हरियाणा के गठन के बाद वित्त विभाग की अनुमति से हर जिले में अथॉरिटी का एक सब अकाउंट खोला जाएगा। जिससे निर्माण व मरम्मत के लिए विभागीय बजट में उपलब्ध राशि को ग्रांट-इन-एड में डायवर्ट कर अथॉरिटी के खाते में डाला जा सकता है। आगे उसी से संबंधित जिला खेल एवं युवा कार्यक्रम अधिकारी द्वारा संबंधित एजेंसी को भुगतान किया जा सकेगा। इसका मुख्य उद्देश्य किसी भी सूरत में निर्माण और मरम्मत में देरी का असर खिलाड़ी पर न पड़ने देना है।
इस नई व्यवस्था से खेल और खिलाड़ियों को बहुत फायदा होगा। पहले हर छोटे-बड़ा कार्य कराने के लिए इंतजार करना पड़ता था। निर्माण और मरम्मत कार्य से जुड़ी एक करोड़ रुपये तक की राशि खर्च करने का अधिकार मिलने से खेल सुविधाएं बेहतर होंगी। खेल मंत्री का यह निर्णय खिलाड़ियों को बेहतर सुविधा प्रदान करेगा।
- अशोक दुआ, जिला खेल अधिकारी