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फोर्टिफाइड आटे के लिए भेजा सड़ा गेहूं

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खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग की बड़ी लापरवाही सामने आई है। विभाग के असंध केंद्र से फोर्टिफाइड आटे को तैयार करने के लिए सड़ा गेहूं भेजा जा रहा है। इसका खुलासा तब हुआ जब खराब गेहूं से भरी गाड़ी जनक फूड नामक फ्लोर मिल मुरादगढ़ में पहुंची। लेबर ने गाड़ी को अनलोड करना शुरू किया तो गाड़ी में गेहूं के बैग खराब निकलने लगे। खराब गेहूं के बैग अधिक निकलते देख फ्लोर मिल संचालक ने उपायुक्त करनाल निशांत यादव को सूचित किया तो खाद्य आपूर्ति विभाग के सब इंस्पेक्टर अमजद खान, हैफेड से रीना कांबोज और एफसीआई से नरेंद्र सिंह यादव खराब गेहूं की जांच करने फ्लोर मिल में पहुंचे। हैरानी की बात है कि एफसीआई की तरफ से पहुंचे गुणवत्ता प्रबंधक नरेंद्र सिंह यादव ने तो गेहूं को हाथ तक नहीं लगाया। जब उनसे इस मामले में बात करनी चाही तो उन्होंने साफ इंकार कर दिया। बताया जा रहा है कि जिले भर में ऐसा ही खराब गेहूं फ्लोर मिल संचालकों को भेजा जा रहा है। जिनमें से अधिकतर ने तो आटे की पिसाई भी कर दी है।
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गेहूं उठने से पूर्व सैंपलिंग फिर भी फ्लोर मिल में पहुंचा खराब गेहूं
गेहूं के उठान से पूर्व एफसीआई अधिकारियों द्वारा सैंपलिंग की जाती है। यदि गेहूं अच्छा हो तभी उठान की मंजूरी दी जाती है। ऐसे में असंध सेंटर से पहुंचे गेहूं ने एफसीआई अधिकारियों पर भी सवाल खड़ा कर दिया है। जब एफसीआई अधिकारी ने गेहूं की गुणवत्ता की जांच की तो उन्होंने खराब गेहूं के उठान की मंजूरी कैसे दे दी।
भार बढ़ाने के लिए गेहूं पर डालते हैं पानी
समाजसेवी प्रिंस धूड़िया का कहना है कि क्षेत्र में एएवाई के 2777, ओपीएच के 10665, सीबीपीएल 5087 तो एसबीपीएल के 2013 उपभोक्ता हैं। इस हिसाब से क्षेत्र में 20542 उपभोक्ताओं के लिए हर महीने फोर्टिफाइड आटा उपलब्ध करवाया जाता है। नियमानुसार जिस गेहूं से आटा तैयार होना है, वह सरकारी मानकों पर खरी होनी चाहिए। परंतु जनक फूड में विभाग द्वारा भेजी गई गेहूं को देखकर लगता है कि गेहूं पर पानी डाला गया है। जिसके बाद वह पूरी तरह खराब हो चुकी है। मामले की जांच के लिए कमेटी का गठन कर जिम्मेदारों के खिलाफ कार्रवाई तय हो।
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खराब गेहूं उठाने के लिए डाला जा रहा था दबाव
जनक फूड के संचालक कृष्ण कांबोज का कहना है कि असंध से गेहूं का आरओ कटने की जानकारी मिलते ही उन्होंने कन्हैया राइस मिल में गेहूं जांचा, जिसके हालात काफी खराब थे। उन्होंने लिखित में डीएफएससी को गेहूं उठाने से मना कर दिया था। परंतु डीएफएससी ने दवाब बनाते हुए कहा कि कन्हैया राइस मिल का आरओ कटा है, इसलिए वहां से ही गेहूं उठाना पड़ेगा, अन्यथा आपके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। इसके बाद विभाग द्वारा गेहूं से भरा ट्रक फ्लोर मिल में भेज दिया गया।
खराब बैग को बदलवाकर अच्छी गुणवत्ता का गेहूं भेजा जाएगा
असंध सेंटर पर तैनात गेहूं के इंचार्ज कपिल जाखड़ ने कहा कि खराब गेहूं के कुछ बैग फ्लोर मिल में चले गए हैं। जिन्हें तुरंत बदलकर अच्छी गुणवत्ता का गेहूं भेजा जाएगा।
स्टॉक पुराना होने के कारण कुछ बैग हो चुके हैं खराब
डीएफएससी निशांत राठी का कहना है कि असंध में गेहूं का स्टॉक काफी पुराना है। जिस कारण नीचे की लेयर खराब हो चुकी है। जनक फ्लोर में खराब गेहूं के कुछ बैग चले गए थे। जिन्हें बदल दिया जाएगा।
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