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Karnal News: युवाओं में बढ़ रही रीढ़ की बीमारी, कमर दर्द कर रहा परेशान

Thu, 16 Oct 2025 01:32 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, करनाल
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संवाद न्यूज एजेंसी
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करनाल। जिला नागरिक अस्पताल में रोजाना ओपीडी में 60 से 70 मरीज रीढ़ की हड्डी के दर्द की परेशानी के पहुंच रहे हैं। वाहन चालक, नौकरीपेशा के साथ स्कूल के बच्चों में भी समस्या मिल रही है। लंबे समय तक लैपटॉप, मोबाइल, एक मुद्रा में वाहन चलाने से युवाओं में सबसे अधिक समस्या आ रही है। ऑर्थोपेडिक विशेषज्ञ का कहना है कि 20 से 45 वर्ष के युवाओं में समस्या अधिक देखी जा रही है।
हड्डी रोग विशेषज्ञ डाॅ. कार्तिक ने बताया कि रीढ़ शरीर का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा है। आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में लोग इसे सबसे अधिक नजरअंदाज कर रहे हैं। ओपीडी में हर चौथा मरीज 25 से 45 वर्ष का है। इनमें से 70 प्रतिशत कंप्यूटर पर काम करने वाले और चालक हैं। इन्हें कमर दर्द के साथ रीढ़ में दर्द की समस्या है। उन्होंने बताया कि लंबे समय तक झुककर स्क्रीन देखना, कुर्सी पर बिना सहारे के बैठना, गलत मुद्रा में बैठना व सोना और देर रात तक काम करना रीढ़ की मांसपेशियों को कमजोर कर देता है।
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-लक्षण
सुबह उठते समय पीठ में अकड़न
कमर में खिंचाव या हल्का दर्द
लंबे समय बैठने के बाद दर्द का बढ़ना
कंधों में दर्द रहना

-दर्द का पैरों या बाजुओं तक फैलाना
-सुन्नपन या कमजोरी महसूस होना
-झुकने या उठने में असमर्थता
-कमर से पैरों में दर्द का पहुंचना
-पेशाब व मल को नियंत्रित करने की क्षमता खत्म हो जाना

सलाह
कुर्सी पर बैठते समय रीढ़ को सीधी मुद्रा में रखें
पीठ पूरी तरह कुर्सी की पुश्त से सटी हो और पैर फर्श पर टिके रहें
हर 30 मिनट में उठकर 2 मिनट चलें
झुकने की बजाय घुटनों को मोड़कर भारी समान नीचे से उठाएं
ऑफिस चेयर में लोअर बैक सपोर्ट कुशन रखें
कंधों को सीधा कर के चलें व बैठें
लैपटॉप व कंप्यूटर को आंखों के की सीध में रखकर काम करें
-फिजियोथेरेपी, स्ट्रेचिंग और गर्म सिकाई करें
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-बच्चों में भी बढ़ रहा रीढ़ का दर्द
स्कूल जाने वाले बच्चों में भी रीढ़ में दर्द की शिकायतें बढ़ रही हैं। ओपीडी में 8 से 16 वर्ष के रोजाना दो से तीन बच्चे रीढ़ की समस्या से परेशान होकर आ रहे हैं। बच्चों में इस समस्या के बढ़ने की दो मुख्य वजह हैं। पहला बैग में अधिक भार होने से कंधों पर जोर पड़ना जिससे उनको झुककर चलना पड़ता है। दूसरा बच्चों का मोबाइल फोन का अधिक उपयोग करना। जरूरी है कि उन्हें सोशल मीडिया से दूर रखा जाए। बैग में किताबों का भार कम किया जाए। भारी स्कूल बैग, ऑनलाइन पढ़ाई में झुकी मुद्रा, और मोबाइल पर गेम खेलना बड़ी वजहें हैं।
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महिलाओं में बढ़ रही डिस्क खिसकने की समस्याएं
डाॅ. कार्तिक ने बताया कि घरेलू महिलाएं व कामकाजी महिलाएं दोनों में डिस्क खिसकने की समस्या बढ़ रही हैं। उन्होंने बताया कि वाहनों में यात्रा करने से झटके लगने व भारी सामान उठाने से डिस्क अपनी जगह से खिसक जाती है। रीढ़ की हड्डी के बीच से डिस्क बाहर निकल जाती है और सूजने लगती है। ऐसे में कमर में अधिक दर्द रहना और रात की समय असहनीय दर्द होना इसके लक्षण हैं।



केस1
-सात माह से था कमर दर्द
शिव कॉलोनी निवासी मरीज पेशे से इंजीनियर हैं। उनको पिछले सात महीनों से कमर दर्द की समस्या थी। सामान्य समझ कर नजरअंदाज कर रहे थे। जब पैरों में सूजन, सुन्नपन और असहनीय दर्द होने लगा तो जांच के लिए ओपीडी में आए। रीढ़ की नस ब्लॉक पाई गई। ऐसे में मरीज को तुरंत सर्जरी करवाने के लिए कहा गया। सर्जरी करने के बाद वह सामान्य स्थिति में आए।
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केस 2
डिस्क खिसकने से समस्या
28 वर्षीय कंप्यूटर ऑपरेटर युवती डिस्क खिसकने से परेशान थे। वह कार्यालय में रोजाना ई-रिक्शा से जाते थे। सड़कों के गड्ढों के कारण डिस्क अपनी जगह से हिल गई। युवती ने कई दिनों तक दर्द को सामान्य समझा और पेनकिलर लेती रहीं। दर्द ठीक करने के लिए लगातार पेन किलर खाने से तबीयत बिगड़ने लगी, कमर में असहनीय दर्द के साथ वह अस्पताल पहुंची। ऐसे में गंभीर स्थिति में मरीज का ऑपरेशन करना पड़ा। उन्होंने सलाह दी की यदि 10 दिन से अधिक कमर में दर्द रहे तो तुरंत चिकित्सक को दिखाएं।
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