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सोनीपत का दोहरा हत्याकांड : दो सालों की हत्या करने वाले जीजा और बहन सहित पांच दोषियों को उम्रकैद

Thu, 26 Feb 2026 01:15 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, करनाल
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संवाद न्यूज एजेंसी
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करनाल। अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश जसबीर सिंह कुंडू की अदालत ने सोनीपत में चार नवंबर 2016 में हुए दोहरे हत्याकांड में फैसला सुनाते हुए पांच दोषियों को उम्रकैद की सजा सुनाई है। अदालत ने दोषियों पर तीन लाख पांच हजार रुपये का जुर्माना लगाने के साथ-साथ पीड़ितों और उनके परिवारों को 30 लाख रुपये मुआवजा देने का भी आदेश दिया है। 2018 में यह मुकदमा करनाल अदालत में स्थानांतरित हुआ था।
जिला न्यायवादी डॉ. पंकज सैनी ने बताया कि मामले की पैरवी अतिरिक्त जिला न्यायवादी दीपक चौधरी ने की। अतिरिक्त जिला न्यायवादी दीपक चौधरी ने बताया कि चार नवंबर 2016 को सोनीपत की राजीव काॅलोनी में दस लाख रुपये के लेनदेन को लेकर सोनीपत की राजीव काॅलोनी निवासी मुख्य आरोपी फूलकंवर, पत्नी बबीता (पत्नी फूल कंवर), भाभी सुखविंद्र कौर, भाई नरेंद्र कंवर और आरोपी अमित उर्फ मीठा सहित अन्य ने झज्जर के जहांगीरपुरी गांव निवासी सचिन, उनकी माता सुनीता, भाई सुमित, उनके बुटाना निवासी मामा राजबीर पुत्र महेंद्र, नरेंद्र उर्फ सोनू पुत्र महेंद्र, देवेंद्र उर्फ बंटी पुत्र शमशेर उर्फ शेरा गांव बुटाना जिला सोनीपत पर गोलियां चला दी। इस हमले में सचिन, नरेंद्र उर्फ सोनू, राजेंद्र और देवेंद्र गंभीर रूप से घायल हो गए। सभी को सोनीपत के सिविल अस्पताल पहुंचाया गया। वहां पहुंचने से पहले ही बुटाना निवासी देवेंद्र और राजबीर ने दम तोड़ दिया था। सोनीपत सदर थाना पुलिस ने इसमें हत्या, हत्या के प्रयास, शास्त्र अधिनियम के तहत प्राथमिकी दर्ज की थी। वर्ष 2018 में ये मुकदमा करनाल अदालत में स्थानांतरित किया गया था। इस मामले में 21 फरवरी को हुई सुनवाई करते पांचों दोषियों बबीता , फूल कंवर, सुखविंदर कौर, नरिंदर कंवर, अमित उर्फ मीठा पर आरोप साबित हुए थे। बुधवार को अदालत ने पांचों को हत्या के मामले में आजीवन कारावास और 50-50 हजार रुपये जुर्माना की सजा सुनाई है। जुर्माना न भरने पर छह माह की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी। वहीं हत्या के प्रयास में सात साल की सजा और 10-10 हजार रुपये जुर्माना की सजा व अन्य धराओं में भी सजा सुनाई है। इसके अलावा दोषी फूल कंवर और नरिंदर कंवर को शस्त्र अधिनियम में तीन साल की सजा और पांच हजार रुपये जुर्माना की सजा सुनाई है। अदालत ने स्पष्ट किया कि यदि दोषियों की ओर सेजुर्माना भरा जाता है, तो उस राशि का एक हिस्सा भी पीड़ितों के परिवारों को दिया जाएगा। साथ ही, दोषियों द्वारा जेल में बिताई गई पिछली अवधि को उनकी कुल सजा में से घटा दिया जाएगा।
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पीड़ितों को देना होगा 30 लाख रुपये का मुआवजा

अदालत ने मानवीय दृष्टीकोण अपनाते हुए दोषियों को आदेश दिए कि वे संयुकत रूप से पीडितों को 30 लाख रुपये का मुआवजा दें। अदालत ने स्पष्ट किया कि मृतक देवेंद्र के कानूनी वारिसों को 10 लाख रुपये, मृतक राजबीर के कानूनी वारिसों को10 लाख रुपये, घायल सचिन को 5 लाख रुपये और घायल नरिंदर उर्फ सोनू को 5 लाख रुपये का मुआवजा देना होगा। न्यायाधीश ने सुप्रीम कोर्ट के फैसलों का हवाला देते हुए कहा कि मुआवजे का प्रावधान पीड़ितों को यह एहसास दिलाने के लिए है कि उन्हें न्याय प्रणाली में भुलाया नहीं गया है। यह न्याय की दिशा में एक सुधारात्मक कदम है।

ये था पूरा मामला
चार नवंबर 2016 को सोनीपत सदर थाना पुलिस को सूचना मिली थी कि मूरथल रोड पर राजीव कालोनी में फूलकुंवार के घर में गोलियां चली है। इस दोरान पुलिस को बुटाना गांव निवासी नरेंद्र और झज्जर के जहांगीरपुरी गांव निवासी सचिन को सिविल अस्पताल दाखिल करवाया गया। यहा से पीजीआई रेफर किया गया था। यहां से दिल्ली रेफर कर दिया गया। वहां घायल सचिन ने पुलिस को शिकायत दी कि उनकी माता सुनीता गांव बुटाना जिला सोनीपत की रहने वाली है। उनके दो मामा राजबीर और नरेंद्र उर्फ सोनू हैं। उनकी मासी बबीता पत्नी फुलकुंवार गांव गुमाणा हाल राजीव कालोनी सोनीपत के साथ शादीशदा है। जबकि उनकी एक मौसी उनके चाचा वीरेंद्र निवासी जहांगीरपुर झज्जर के साथ शादीशुदा है। चार नवंबर2016 को शिकायतकर्ता की माता सुनीता, मेरी मौसी गीता व बबीता ने गोहाना तहसील में अपना हक की जमीन दोनों मामा के नाम करवा दी। पूरा परिवार गोहाना में इकटठा था तो उनकी माता सुनीता ने अपनी बहन बबीता और जीजा फुलकुंवार को कहा कि उन्होंने 10 लाख रुपये शिकायतकर्ता के पापा से ले रखे हैं। इनका हिसाब कर दो। फुलकुवांर ने पैसे मांगते ही शिकायतकर्ता और उनके भाई को जान से मारने की धमकी दी। इसके बाद आरोपी फूलकुंवार और उनकी मासी बबीता रुपये देने की बात कहकर अपने घर राजीव कलोनी में ले गए। फिर दो बजे वह, सुमित पुत्र विरेन्द्र जहांगीरपुर, उनके मामा राजबीर पुत्र महेंद्र, नरेंद्र उर्फ सोनू पुत्र महेंद्र, देवेंद्र उर्फ बंटी पुत्र शमशेर उर्फ शेरा गांव बुटाना जिला सोनीपत अपनी मौसी बबीता के घर सोनीपत राजीव कालोनी करीब दो बजे दोपहर को पहुंच गए। वहां उन्हें मौसी का पति फुलकुवांर, उनका भाई नरेंद्र और जयकुंवार निवासी गुमाणा हाल राजीव कालोनी सोनीपत व कई अन्य लोग मिले। सभी के पास हथियार थे। फुलकंवार के पास पिस्तौल और नरेंद्र के पास बडी बंदूक व पिस्तौल था बाकि के पास तेजधार हथियार व लाठी डण्डे थे। आरोपी फुलकुंवार व नरेंद्र ने हाथ में लिए हुए पिस्तौलो से गोलियां चलानी शुरू कर दी। जो शिकायतकर्ता के मामा देवेंद्र, नरेंद्र उर्फ सोनू व शिकायतकर्ता को लगी। अन्य ने तेजधार हथियारोंं से सभी पर हमला कर दिया। फिर शिकायतकर्ता व उनके मामा को सरकारी अस्पताल मे दाखिल करवा दिया। इसमें उनके मामला राजबीर, देवेंद्र उर्फ बंटी पुत्र शमशेर गांव बुटाना जिला सोनीपत ने अस्पताल में पहुंचने से पहले ही दम तोड़ दिया। जबकि शिकायतकर्ता व उनके मामा नरेंद्र उर्फ सोनू को मैक्स अस्पताल दिल्ली ले गए। सोनीपत सदर थाना में हत्या की प्राथमिकी दर्ज की गई।
मामले में पुलिस ने पांच नवंबर 2016 को मृतकों की बहन बबीता पत्नी फुलकवार व सुखविंद्र पत्नी नरेंद्र अकवाम वासी राजीव कालोनी सोनीपत को गिरफ़्तार किया। दोनों ने कबूल किया कि उन्होंने आरोपियों से मिलकर अपने भाईयों और बहनो के लड़कों को गोहाना कोर्ट में बेईज्जती का बदला लेने के लिए षडयन्त्र रचना तथा षडयन्त्र अनुसार ही देवेंद्र व राजबीर बुटाना की हत्या करना व अन्य को भी गोली मारकर घायल करना कबूल किया। पुलिस ने 25 नवंबर 16 को अभियोग मे आरोपी अमित उर्फ मीता को गिरफ्तार किया। 19 दिसंबर 16 को आरोपी फुलकुवांर को गिरफ्तार किया गया।
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आरोपी से वारदात में प्रयोग की गई लाईसेंसी पिस्तौल व असल शस्त्र लाइसेंस बरामद किया गया। उसने अपनी पत्नी, भाभी अमित पुत्र सुरेश व भाई नरेंद्र की सलिप्तता बतलाई। इसके बादसात जून 2017 को आरोपी नरेंद्र को गिरफ्तार किया गया गया।
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