माई सिटी रिपोर्टर
करनाल। आम उपभोक्ताओं पर सख्ती दिखाने वाला बिजली निगम अब सरकारी महकमों पर भी कार्रवाई करने लगा है। तीन स्कूलों के बिजली कनेक्शन काटे गए। अब मार्च माह में अन्य डिफॉल्टर सरकारी कार्यालयों की बत्ती बंद की जाएगी। जिले में विभिन्न सरकारी विभागों के 2465 बिजली कनेक्शनों पर 14.90 करोड़ रुपये की भारी भरकम देनदारी दर्ज है। मंगलवार को शिक्षा विभाग के तीन सरकारी स्कूलों के कनेक्शन काटे जाने के बाद साफ हो गया है कि निगम अब चेतावनी से आगे बढ़ चुका है।
अधीक्षक अभियंता नसीब सिंह ने बताया कि बिल नहीं भरा तो बिजली कटेगी, चाहे विभाग कोई भी हो। रिकॉर्ड के अनुसार सबसे अधिक बकाया जन स्वास्थ्य विभाग पर है, जिस पर करीब 8 करोड़ रुपये लंबित हैं। इसके बाद शिक्षा विभाग पर लगभग 1 करोड़ रुपये का बिल बकाया है।
गर्मी से पहले स्कूलों पर गिरी गाज...
मंगलवार को असंध के सालवन गांव में तीन सरकारी स्कूलों के बिजली कनेक्शन काट दिए गए। नोटिस पहले ही जारी किए गए थे, लेकिन भुगतान नहीं हुआ। कार्रवाई होते ही विभागों में हलचल तेज हो गई। जिला शिक्षा अधिकारी ने भी स्कूल प्रबंधकों से स्थिति पर जवाब मांगा है। इधर, बिजली निगम का कहना है कि यह कार्रवाई प्रतीकात्मक नहीं, बल्कि नियमों के तहत है। यदि बकाया नहीं चुकाया गया तो अन्य सरकारी कार्यालयों, परिसरों और संस्थानों की बिजली आपूर्ति भी बाधित की जाएगी।
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नियम सबके लिए समान- अधीक्षक अभियंता
अधीक्षक अभियंता नसीब सिंह ने स्पष्ट किया कि लगातार बढ़ती देनदारी से निगम की वित्तीय स्थिति प्रभावित हो रही है। इसलिए अब सरकारी विभागों को भी आम उपभोक्ताओं की तरह नियमों के दायरे में लाया जा रहा है। उन्होंने दो टूक कहा कि सभी डिफॉल्टर विभागों को नोटिस जारी कर दिए गए हैं और तय समयसीमा के भीतर भुगतान न होने पर कनेक्शन काटने की कार्रवाई जारी रहेगी। 1 मार्च से सभी सरकारी दफ्तरों के कनैक्शन काटना शुरू कर दिया जाएगा।
यह हैं सरकारी महकमों पर बकाया
विभाग
बकाया राशि
जन स्वास्थ्य विभाग ₹8 करोड़
शिक्षा विभाग ₹1 करोड़
मार्केट कमेटी ₹1.80 करोड़
पुलिस विभाग ₹28 लाख
स्वास्थ्य विभाग ₹26 लाख
सिंचाई विभाग ₹36 लाख