करनाल। एक समय ऐसा भी था जब घरों के नाम केवल पहचान भर होते थे जैसे शिव कृपा, लक्ष्मी निवास या शांति सदन लेकिन समय के साथ अब घरों के नाम रखने की सोच भी बदल गई है। आज लोग अपने घरों को ऐसे नाम दे रहे हैं जिनमें उनकी भावनाएं, रिश्ते, आस्था और जीवन के अनुभव झलकते हैं। किसी के लिए घर पत्नी के नाम पर दिया गया उपहार है तो किसी के लिए ईश्वर का आशीर्वाद। बदलते सामाजिक ताने-बाने में घर का नाम अब सिर्फ एक नेम प्लेट नहीं बल्कि परिवार की कहानी बन गया है।
शहर से लेकर गांव तक किसी कॉलोनी या मोहल्ले में नजर डालें तो घरों के नाम में साफ फर्क दिखता है। कहीं पारंपरिक धार्मिक नाम हैं तो कहीं आधुनिक और भावनात्मक। वास्तु विशेषज्ञों का मानना है कि घर का नाम केवल सजावट नहीं होता बल्कि उसका सीधा संबंध घर की ऊर्जा और परिवार की मानसिकता से भी जुड़ा होता है। इसी सोच के साथ लोग नाम चुनते हैं ताकि घर में सकारात्मकता बनी रहें। जब शहर में घरों के नाम की पड़ताल की गई तो कई नाम निकल कर सामने आए। इनमें राधे कृपा निवास, नारायण निवास, खुशहाल भवन, ड्रीम होम, ग्रीन हाइट्स, मंगलम हाउस, सनशाइन होम, कृपा कुंज, हैप्पी होम, सुकून सदन, आरव- आन्या सदन बच्चों के नाम पर, ग्रीन विला और सपनों का द्वार जैसे नामों का नामकरण किया गया है।
घर की दिशा, नींव और मुहूर्त तय करता है घर का नाम
वास्तु विशेषज्ञ पंडित अजीत शास्त्री ने बताया कि घर का नाम सकारात्मक अर्थ वाला होना चाहिए। ऐसा नाम जो शांति, समृद्धि और प्रेम का भाव देता हो। वह मानसिक रूप से परिवार पर अच्छा असर डालता है। कई बार नाम बदलने से लोगों को यह महसूस होता है कि घर में शांति बढ़ी है। हालांकि वास्तु में नाम से ज्यादा उसके अर्थ और भावना को महत्व दिया जाता है। उन्होंने बताया कि हमेशा अपने घर का नाम घर की नींव, दिशा और मुहूर्त को ध्यान में रख कर ही रखना चाहिए।
निर्मला कुंज : पत्नी के नाम पर प्रेम का उपहार
ग्लोबल सिटी निवासी महेंद्र ने बताया कि उन्होंने 10 साल पहले अपना घर बनाया था जिसमें पूरे परिवार ने कई बार विचार विमर्श किया कि घर का नाम क्या होना चाहिए। उन्होंने बताया कि काफी समय से ही सोच रखा था कि अपनी पत्नी को घर बनाकर उपहार के रूप में देंगे जिसके बाद घर का नाम ही पत्नी के नाम पर निर्मला कुंज रखा गया। उन्होंने बताया हर मुश्किल समय में पत्नी ने साथ दिया जिसमें घर जीवन की सबसे बड़ी उपलब्धि रही इसलिए प्रेम और विश्वास का प्रतीक मानकर नामकरण किया गया।
गॉड गिफ्ट : ईश्वर के आशीर्वाद की भावना को महसूस करने के लिए
सैनी काॅलोनी निवासी सुरेंद्र खन्ना ने बताया कि वे चाहते थे उनका खुद का घर हो। 12 साल पहले तक किराए के घर में रहने के बाद 2014 में घर की नींव रखी। घर की नींव रखते ही भगवान की कृपा को ध्यान में रखते घर का नाम ही इनकी कृपा पर रखा जिसका नाम है गाॅड गिफ्ट। सुरेंद्र बताते हैं कि उन्होंने जीवन में कई उतार-चढ़ाव देखे हैं और काफी संघर्ष के बाद यह घर बन पाया। उन्होंने बताया कि मेहनत के साथ-साथ घर भगवान की कृपा से मिला है।