भूसली गांव का मूल निवासी था लेफ्टिनेंट विनय नरवाल
माई सिटी रिपोर्टर
करनाल। लेफ्टिनेंट विनय नरवाल का परिवार मूलरूप से जिले के भूसली गांव का रहने वाला है। ऑपरेशन सिंदूर के तहत जब पहलगाम का बदला भारतीय सेना ने लिया तो इस गांव में भी खुशी की लहर दौड़ गई। लोगों के चेहरों पर मुस्कुराहट देखी गई। उन्होंने कहा कि हमारे गांव के लाल की मौत का बदला देश ने ले लिया है।
बुधवार की सुबह जब लोग जागे तो पहलगाम में आतंकी हमले का बदला लेने की जानकारी मिली। जब से इस गांव के विनय नरवाल की आतंकी हमले में हत्या किए जाने की खबर मिली थी, उसी समय से गांव का हर व्यक्ति व्यथित था। लगातार सरकार की ओर देख रहा था कि कब गांव के बलिदानी का बदला लिया जाएगा। बुधवार की सुबह जब ऑपरेशन सिंदूर की कार्रवाई का पता चला तो लोगों के होठों पर मुस्कुराहट आ गई। भूसली के सरपंच राजेंद्र कुमार ने बताया कि भारतीय सेना के पराक्रम से गांव के हर व्यक्ति को सुकून मिला है। गांव के लोगों का कहना है कि अभी बदला पूरा नहीं हुआ है, गुनहगारों को मौत की सजा मिले और आतंक पर अभी और प्रहार किया जाना चाहिए, जिससे कोई भी आतंकवादी भारत की ओर मुंह करने से पहले भी बार बार सोंचे। फिलहाल दिनभर सैन्य कार्रवाई की ही चर्चा रही।