करनाल। स्मार्ट सिटी परियोजना के तहत शहर की यातायात व्यवस्था को आधुनिक और सुचारु बनाने के लिए करीब 150 करोड़ रुपये खर्च किए गए लेकिन व्यवस्था पुराने तरीके से ही चल रही है। अत्याधुनिक कमांड सेंटर और चौराहों पर सीसीटीवी कैमरों की व्यवस्था होने के बाद भी ट्रैफिक व्यवस्था आज भी पुलिस कर्मियों के हाथों के इशारों पर ही चल रही है।
शहर के सबसे व्यस्त आईटीआई चौक पर ट्रैफिक लाइटें लंबे समय से बंद पड़ी हैं, इसके साथ ही अस्पताल चौक सहित अन्य कई चौराहों पर भी ट्रैफिक पुलिसकर्मी हाथों के इशारों से ही वाहनों को निकालते हैं। स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के तहत शहर में ट्रैफिक नियंत्रण के लिए आधुनिक कमांड सेंटर स्थापित किया गया था जहां से प्रमुख चौराहों की निगरानी सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से की जानी है। परियोजना का उद्देश्य यातायात को व्यवस्थित करना, जाम की समस्या को कम करना और दुर्घटनाओं पर नियंत्रण पाना था। इसके लिए शहर के प्रमुख चौराहों पर स्मार्ट ट्रैफिक लाइटें और निगरानी प्रणाली स्थापित की गई।
- 80 हजार गुजरते हैं वाहन
लाइटों को लगाने के समय हुए सर्वे के अनुसार, शहर की विभिन्न सड़कों से 24 घंटों में 80 हजार से ज्यादा वाहन गुजरते हैं। करनाल शहर में 29 ट्रैफिक जंक्शन हैं, जहां ट्रैफिक लाइटें लगी हैं। कई चौराहे ऐसे हैं, जहां दो ट्रैफिक लाइटों के बीच में 200 मीटर का अंतर भी नहीं है। टी-फ्लाईओवर निर्माण मार्ग से जुड़े पांच चौराहों से इस समय ट्रैफिक लाइटें हटी हुई हैं।
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यहां कहीं बत्ती बंद तो कहीं पुलिस जवान हैं तैनात
हांसी रोड, काछवा पल, कैथल रोड, विश्वकर्मा चौक, नमस्ते चौक, ताऊ देवीलाल चौक, सेक्टर 12 चौक, मटका चौक, निर्मल कुटिया चौक, माल रोड, अंबेडकर चौक, अग्रसेन चौक, पुराना कमेटी चौक, पुरानी सब्जी मंडी चौक पर पुलिसकर्मी हर समय हाथों के इशारे पर ही ट्रैफिक चलाते हैं।
- जाम का एक कारण यह भी
शहर में बढ़ते ट्रैफिक जाम के लिए ट्रैफिक लाइटों के अलावा शहर में हो रहे टी-फ्लाईओवर का निर्माण भी है। सेक्टर-13 रोड से रेलवे रोड तक और पुराना कमेटी चौक से लेकर पुराने बस अड्डे तक टी-फ्लाईओवर का निर्माण चल रहा है। इस मार्ग से बड़े वाहन नहीं गुजर सकते। ऐसे में माल रोड, सेक्टर-12 रोड, कुंजपुरा रोड, अस्पताल रोड, बस अड्डा रोड, हांसी रोड, सदर बाजार, नावल्टी रोड आदि इससे संपर्क के जुड़े मार्गों पर ट्रैफिक लोड बढ़ा है।
- अधिक जाम होने पर बंद की जाती हैं लाइटें : ट्रैफिक पुलिस
ट्रैफिक थाना प्रभारी दर्शन सिंह ने बताया कि अधिकतर चौराहों पर वाहनों का दवाब अधिक रहता है। लाइट के भरोसे जाम नहीं खुल पाता है। इसलिए ट्रैफिक लाइटों को बंद कराया जाता है और सुचारु ट्रैफिक के लिए मौजूद पुलिसकर्मी ही ट्रैफिक को चलाते हैं।