करनाल जिले में डेंगू का प्रकोप थम नहीं रहा है। सोमवार को सोलह और लोगों को डेंगू की पुष्टि हुई है। अब तक जिले में आठ लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि कई लोग इसकी चपेट में है।
प्रभावितों की बढ़ती संख्या से विभाग सकते में हैं। स्वास्थ्य विभाग बचाव के लिए फॉगिंग और स्प्रे करवा रहा है। शहर के निजी अस्पतालों में डेंगू रोगियों का तांता लगा हुआ है।
इस कारण शहर के लोग सहमे हुए हैं। डेंगू के रोगियों की बढ़ती संख्या से स्वास्थ्य विभाग की ओर से शहर में लगातार फॉगिंग भी कराया जा रहा है। अब तक स्वास्थ्य विभाग गत वर्ष की अपेक्षा डेंगू कम होने का दावा कर रहा था। लेकिन दो दिन के अवकाश के बाद सोमवार को डेंगू के 20 केसों का इजाफा हुआ है।
यदि हम आंकड़ों पर नजर डाले तो गत वर्ष डेंगू के 72 केस थे, जो आज 92 पहुंच चुके है। यह आंकडे़ सरकारी है। जबकि शहर की निजी अस्पताल डेंगू रोगियों से भरी पड़ी है।
इनमें उनके आंकड़ों को शामिल नहीं किया गया है। यदि उन आंकड़ों को भी शामिल किया जाए तो उनकी संख्या हजाराें में पहुंच जाती है। शुक्रवार व शनिवार को 34 डेंगू रोगियों के लिए गए सैंपलों में से 16 लोगों डेंगू की पुष्टि हुई है। जबकि छह रोगियाें की रिपोर्ट आनी बाकी है।
जिले में डेंगू से आठ लोगों की मौत हो चुकी है। जबकि स्वास्थ्य विभाग केवल एक मौत होने की पुष्टि कर रहा है। सोमवार को 6 लोगों के सैंपल जांच के लिए भेजे गए है। इसी के साथ अब तक जिले में डेंगू के 92 केस पाजिटिव पाए गए है। जबकि 323 रोगियों के डेंगू के सैंपल लिए जा चुके है।
सिविल सर्जन डॉ. वंदना भाटिया का कहना है कि जिले में अब तक केवल एक ही मौत डेंगू से हुई है। जबकि मरने वाले बाकी सभी लोग संदिग्ध डेंगू पीड़ित थे। उन्होंने बताया कि अबतक 323 बीमार लोगों के डेंगू की जांच के लिए सैंपल लिए जा चुके है। जिसमें 92 केसों में डेंगू होने की पुष्ठि हो चुकी है। जबकि 6 रोगियों के सैंपल लेने के बाद जांच के लिए भेजे गए है। उनकी रिपोर्ट आनी बाकी है।