जिला परिषद चेयरमैन अंग्रेज सिंह धूमसी का दिल का दौरा पड़ने से निधन हो गया। वे 62 साल के थे। धूमसी चंडीगढ़ के विकास सदन में पंचायती राज की बैठक में हिस्सा लेने गए थे।
बैठक को केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री जयराम रमेश संबोधित कर रहे थे। बैठक के दौरान उन्हें दिल का दौरा पड़ा, जिसके बाद उन्हें मोहाली के फोर्टिस अस्पताल में दाखिल कराया गया, जहां उपचार के दौरान उन्होंने दम तोड़ दिया।
फोर्टिस प्रवक्ता ने बताया कि उन्हें करीब सवा एक बजे अस्पताल लाया गया था और करीब दो बजे उनका निधन हो गया। वहीं, उनके निधन की सूचना मिलते ही पूरे जिलेे में शोक की लहर दौड़ गई। सूचना के बाद पूरे क्षेत्र के लोग शोकाकुल परिवार को दिलासा देने उनके गांव पहुंचे।
धूमसी के निधन पर जिले के सभी राजनीतिक दलों, सामाजिक और धार्मिक संस्थाओं ने शोक व्यक्त किया। अंग्रेज सिंह का जन्म वर्ष 1951 में गांव धूमसी में हुआ था। उनका अंतिम संस्कार धूमसी गांव में ही किया जाएगा।
वर्ष 2010 में जिला परिषद के सदस्य बने
वर्ष 2010 में वह जिला परिषद के सदस्य चुने गए और बाद में मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा के सहयोग से जिला परिषद के चेयरमैन बने। उनके पिता सरदार पूर्ण सिंह क्षेत्र के जाने माने जमींदार थे।
उनकी छह संतान में वह सबसे छोटे थे। अंग्रेज सिंह के पिता सहित उनके तीन भाइयों का पहले ही निधन हो चुका था। वह अपनी पत्नी के साथ रहते थे, जबकि उनके दो लड़के और एक लड़की अमेरिका तथा आस्ट्रेलिया में रहते हैं। जिला परिषद चेयरमैन अंग्रेज सिंह धूमसी किसी के परिचय के मोहताज नहीं थे।
वह पूरे जिले सहित प्रदेश में दबंग राजनीति के लिए जाने जाते थे। कार्यकर्ताओं, अधिकारियों और मंत्रियों से वह मुखर स्वभाव से काम कराते थे।