कोरोना से रविवार को एक दिन में सबसे अधिक छह लोगों को जान गंवानी पड़ी है। इसमें चार माह की बच्ची भी शामिल है। इसके अलावा 264 लोग संक्रमित पाए गए हैं। कोरोना की गाइडलाइन के तहत मृतकों का बलड़ी श्मशान घाट में अंतिम संस्कार किया गया। अपनों की अंतिम विदाई परिजनों के लिए और भी दुखदायी रही। उन्हें करीब से चिता देखनी भी नसीब नहीं हुई। वहीं श्मशान घाट में एक साथ पांच चिताएं देखकर सभी की आंखों से आंसू छलक उठे।
कर्णनगरी में कोरोना का कहर बढ़ता जा रहा है। एकबार फिर रिकार्ड मौतों से इसकी गंभीरता का अंदाजा लगाया जा सकता है, हालांकि स्वास्थ्य विभाग के रिकॉर्ड में तीन लोगों की मौत है। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार सेक्टर- 9 निवासी 61 वर्षीय बुजुर्ग को पांच अप्रैल को मेडिकल कॉलेज में दाखिल किया गया था। उन्हें 6 दिन से बुखार की शिकायत थी और पिछले दो दिन से सांस फूल रही थी। इसी प्रकार 75 वर्षीय बड़ा गांव निवासी बुजुर्ग को भी 8 अप्रैल को मेडिकल कॉलेज में सांस फूलने की शिकायत पर दाखिल कराया गया था। वहीं बजीदा जाटान निवासी 78 वर्षीय बुजुर्ग को छह अप्रैल को बुखार व सांस फूलने की शिकायत पर दाखिल कराया गया था। इन तीनों ने इलाज के दौरान रविवार को दम तोड़ दिया। ये तीनों स्वास्थ्य विभाग के रिकॉर्ड में दर्ज हैं।
इसके अलावा करनाल के गांव चौरा की एक चार माह की बच्ची का इलाज पीजीआई चंडीगढ़ में चल रहा था जहां उसकी मौत हो गई, जबकि लबकरी निवासी 75 वर्षीय महिला और बासों गेट की 65 वर्षीय महिला की मौत के बाद उनकी कोरोना रिपोर्ट पाजिटिव आई है।
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17 विद्यार्थी सहित 264 केस आए पॉजिटिव
आईटीआई, डीपीएस, दयाल सिंह स्कूल, यमुना पब्लिक स्कूल, मिलेनियम पब्लिक स्कूल, कांवेंट स्कूल से एक-एक विद्यार्थी कोरोना पॉजिटिव आए हैं। ऐसे में 17 विद्यार्थी पॉजिटिव हैं। इसके अलावा सरकारी कॉलेज के प्रोफेसर व गोंदर के सरकारी स्कूल के एकअध्यापक भी संक्रमित हैं। इसी प्रकार वकील, मार्डन डेरी के सात कर्मचारी, मधुबन अकादमी में पीए, एक इंस्पेक्टर, एक पुलिस कर्मी, एसपी ऑफिस में कार्यरत पुलिस कर्मी, 6 बैंक कर्मी, तीन व दो साल के दो बच्चे भी कोरोना पॉजिटिव मिले हैं।
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सैंपल लिए - 283285
निगेटिव - 263428
पॉजिटिव - 17050
मौत - 182
एक्टिव - 2126
ठीक हुए - 14742
पहले नेगेटिव तो अगले दिन पॉजिटिव आई रिपोर्ट
सेक्टर-9 निवासी मृतक बुजुर्ग के परिजनों ने बताया कि मरीज के फेफड़ों में इंफेक्शन की शिकायत थी जिसके चलते 4 अप्रैल को उसे अस्पताल लाया गया। जहां टेस्ट करने पर उसकी कोरोना रिपोर्ट निगेटिव आई, लेकिन जब 5 अप्रैल को दोबारा टेस्ट किया गया तो रिपोर्ट पॉजिटिव बताई गई। उन्हें समझ नहीं आ रहा कि पहली रिपोर्ट सही थी या दूसरी। वहीं, बजीदा जाटान निवासी मृतक के भाई जयराम दास ने बताया कि 15 दिन पहले वह पुणे से आया था जिसकी कोरोना रिपोर्ट निगेटिव थी और उसने कोरोना का टीका भी लगवा रखा था, उसके बाद भी यहां रिपोर्ट पॉजिटिव आई और उसके भाई की मौत हो गई।