संवाद न्यूज एजेंसी
करनाल। अगर आप भी दिनभर मोबाइल स्क्रीन या लैपटॉप के सामने झुके रहते हैं। बैठने का सही तरीका नहीं अपनाते। धूप से दूर रहते हैं। कैल्शियम से भरपूर भोजन नहीं लेते... तो सावधान हो जाइए। आप जोड़ों के घिसाव यानी ऑस्टियोआर्थराइटिस बीमारी से नजदीकी बढ़ा रहे हैं। जोड़ों के दर्द की बुजुर्गों की मानी जाने वाली बीमारी अब युवाओं को भी अपना शिकार बना रही है। जिला नागरिक अस्पताल में विगत वर्षों में जोड़ों के दर्द की समस्या लेकर आ रहे मरीजों में 35 से 45 वर्ष तक उम्र के लोगों की संख्या बढ़ी है।
जिला नागरिक अस्पताल की ओपीडी में हड्डी और जोड़ों के दर्द से पीड़ित मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है। हड्डी रोग ओपीडी में हर दिन आने वाले करीब 300 मरीजों में से 150 जोड़ों में दर्द की शिकायत करते हैं। इनमें लगभग 20 प्रतिशत युवा होते हैं। डॉक्टरों का कहना है कि अगर लोगों ने अपनी जीवनशैली पर ध्यान नहीं दिया तो यह आंकड़ा आने वाले वर्षों में और बढ़ सकता है।
जिला नागरिक अस्पताल से हड्डी रोग विशेषज्ञ डॉ. कार्तिक दुआ का कहना है कि आजकल विटामिन-डी और कैल्शियम की कमी, गलत पॉश्चर, बढ़ता वजन और लंबे समय तक गलत तरीके से बैठे रहने की आदत जोड़ों को कमजोर कर रही है। लोग अब धूप से बचते हैं, जबकि शरीर में विटामिन-डी का सबसे बड़ा स्रोत सूर्य की किरणें हैं। विटामिन डी की कमी से हड्डियां कमजोर हो जाती हैं। जोड़ों पर असमान दबाव पड़ता है और हम ऑस्टियोआर्थराइटिस की समस्या के शिकार हो जाते हैं।
नागरिक अस्पताल में फिजियोथेरेपिस्ट डॉ. चारू ने बताया कि जो मरीज इस तरह की समस्या लेकर आते हैं, उन्हें पाॅश्चर करेक्शन थेरेपी, स्ट्रेचिंग, और मसल स्ट्रेंथनिंग एक्सरसाइज कराई जाती है। सही समय पर पॉश्चर सुधार लिया जाए और शरीर को सक्रिय रखा जाए, तो ऑस्टियोआर्थराइटिस से बचा जा सकता है। उन्होंने बताया कि आमतौर पर उनके पास 45 वर्ष तक के मरीज आते हैं। पिछले कुछ वर्षों से युवाओं में भी जोड़ों में दर्द की समस्या आ रही है। इसके पीछे वजन बढ़ना भी कारण है। खासकर महिलाएं इस समस्या को लेकर आती हैं।
धूप सेहत के लिए जरूरी
डॉ. दुआ ने बताया कि लोगों की दिनचर्या बदली है। घर के बाहर की गतिविधियां कम हुई हैं। लोग घर या ऑफिस तक ही सिमट कर रह गए हैं। घंटों तक मोबाइल लेकर लेटे रहते हैं। धूप में काम करने से बचते हैं। धूप बहुत जरूरी होती है। प्राकृतिक रूप से विटामिन डी का स्रोत है। खानपान भी बदला है। फास्ट फूड अधिक खा रहे हैं। लोगों में कैल्शियम की कमी होती जा रही है। इन दोनों कमियों के कारण लोगों में ऑस्टियोआर्थराइटिस तेजी से बढ़ रहा है। कैल्शियम युक्त भोजन के लिए डेयरी उत्पाद लें। दूध, पनीर, सोया और हरी पत्तेदार सब्जियों को खाने में शामिल करें। धूप भी सेहत के लिए जरूरी है।