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Karnal News: सर, गांव के घरों में पढ़ने का माहौल नहीं, पुस्तकालय होने चाहिए

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घरौंडा। बसताड़ा के राजकीय महिला महाविद्यालय में शनिवार को सामान्य दिनों से अलग माहौल था। शिक्षा मंत्री महिपाल ढांडा और विधानसभा अध्यक्ष हरविंद्र कल्याण कॉलेज पहुंचे। छात्राओं से सीधे संवाद किया। इसी दौरान ग्रामीण बच्चों की पढ़ाई से जुड़ी एक अहम जरूरत सामने आई गांवों में पुस्तकालय हों, ताकि घर में पढ़ाई का माहौल नहीं मिलने वाले बच्चों को शांत जगह मिल सके।
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छात्राओं की बात सुनने के बाद शिक्षा मंत्री ने कहा कि सरकार इस दिशा में योजना बना रही है। करीब एक घंटे तक चली बातचीत में पढ़ाई, कॉलेज की सुविधाओं और नई शिक्षा नीति को लेकर छात्राओं से सुझाव लिए गए। शिक्षा मंत्री ने छात्राओं से कहा कि नई शिक्षा नीति के तहत शिक्षा व्यवस्था में कई बदलाव किए जा रहे हैं। उन्होंने छात्राओं से भी सुझाव मांगे कि उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए सरकार को और क्या कदम उठाने चाहिए। उनका कहना था कि धरातल पर विद्यार्थियों से मिलने वाले सुझावों से व्यवस्था को और बेहतर बनाने में मदद मिलती है।
संवाद के दौरान कॉलेज की अपनी इमारत का मुद्दा भी सामने आया। विधानसभा अध्यक्ष हरविंद्र कल्याण ने कहा कि कोर्ट में स्टे के कारण भवन का काम रुका हुआ था। अब निर्णय आ चुका है और जल्द ही महिला कॉलेज की बिल्डिंग का काम पूरा कराया जाएगा।
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कल्याण ने पूछा- कितनी छात्राएं लाइब्रेरी जाती हैं
बातचीत के दौरान विधानसभा अध्यक्ष हरविंद्र कल्याण ने छात्राओं से पूछा कि कितने विद्यार्थी लाइब्रेरी में जाकर पढ़ते हैं। अधिकांश ने हां में हाथ उठाया। विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि बच्चे शांत वातावरण में बैठकर अपने विषय पर ध्यान दे सकते हैं। इसी जरूरत को देखते हुए सरकार ने सभी गांवों में लाइब्रेरी बनाने की योजना तैयार की है। उन्होंने समाज के लोगों से भी इस पहल में सहयोग करने की अपील की।
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शिक्षा मंत्री बोले- पहले के मुकाबले काफी बदली व्यवस्था
महिपाल ढांडा ने कहा कि जब वे पढ़ते थे, उस समय संसाधनों का काफी अभाव था। अब शिक्षा के क्षेत्र में पहले के मुकाबले काफी बदलाव आया है और शिक्षण संस्थानों में सुविधाएं लगातार बढ़ाई जा रही हैं। सरकार का प्रयास है कि विद्यार्थियों को पढ़ाई के लिए किसी तरह की कमी का सामना न करना पड़े। उन्होंने बताया कि प्रदेश के कॉलेजों और तकनीकी संस्थानों से विद्यार्थियों की प्लेसमेंट बढ़ाने के लिए कंपनियों के साथ दो हजार एमओयू करने का लक्ष्य रखा गया है।
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