प्रेम नगर के एक मकान में शनिवार सुबह शार्ट सर्किट से आग लग गई। इससे घर के प्रथम तल पर बने कपड़े के गोदाम में भी आग लग गई। पड़ोसियों ने आग लगी देख घर में सोये परिवार को जगाने के लिए पत्थर बरसाए और पुलिस को सूचना दी। सिटी थाना प्रभारी मोहन लाल व उनका स्टाफ घटनास्थल पर पहुंचा और परिवार को सकुशल बाहर निकाला। इतना ही नहीं पुलिस कर्मचारियों ने बहादुरी दिखाते हुए आग के बीच में से ही गैस से भरे सिलेंडरों को भी बाहर निकाला। अगर सिलेंडर फट जाते तो पड़ोसियों को भी काफी नुकसान हो सकता था और जानी नुकसान की आशंका भी हो सकती थी। करीब तीन घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद फायर ब्रिगेड की आठ गाड़ियों ने आग पर काबू पाया। हालांकि, मकान मालिक को लाखों रुपये का नुकसान हुआ है, गनीमत रही कि किसी की जान नहीं गई।
प्रेम नगर में पार्क के पास ईश्वर वधवा का दो मंजिला मकान है। वहीं, उनकी पत्नी ईशा घर के सबसे नीचले तल पर क्लाथ हाउस चलाती है। शनिवार सुबह परिवार घर के प्रथम तल पर सोया हआ था। सात बजे अचानक उनके घर में आग की लपटें निकलने लगी। आग कपड़े के गोदाम में भी फैल गई। आग की लपटें उठते देख पड़ोसी रविंंद्र शर्मा ने ईश्वर के मोबाइल पर फोन करके उनको जगाने की कोशिश की और शोर भी मचाया, लेकिन बात नहीं बनी। आखिरकार घर के शीशों पर पत्थर बरसाए गए, तब जाकर परिवार के सदस्य उठे। इस दौरान आग भी काफी भड़क चुकी थी। पीसीआर पर तैनात कांस्टेबल दारा सिंह व मुकेश कुमार ने परिवार के सदस्यों व दो बच्चों को प्रथम मंजिल से सकुशल बाहर निकाला। इतना ही नहीं दोनों पुलिस कर्मचारियों ने बहादुरी का परिचय देते हुए घर से प्रथम और दूसरे तल पर रखे छह गैस सिलेंडरों को भी घर से बाहर निकाला। इसके अलावा, घर के साथ लगते पड़ोसियों ने भी अपने गैस सिलेंडर बाहर निकाल दिए ताकि कोई हादसा न हो। इसी दौरान फायर ब्रिगेड की आठ गाड़ियों ने तीन घंटे में आग पर काबू पाया।
एसडीएम पहुंचे मौके पर, एंबुलेंस भी पहुंची
सूचना मिलते ही एसडीएम योगेश कुमार भी मौके पर पहुंचे व मौके पर केवल दो दमकल गाड़ियां देख एसडीएम भड़क गए और उन्होंने दमकल विभाग को तुरंत और गाड़ियां भेजने के निर्देश दिए। इसके बाद और छह गाड़ियां मौके पर आग बुझाने पहुंची, जबकि दो पहले ही इस काम में लगी हुई थी। एसडीएम ने दो एंबुलेंस भी मौके पर बुलाई। पीड़ित ईशा का कहना है कि दुकान में रखा लाखों रुपये का कपड़ा और अन्य सामान जलकर रखा हो गया। भगवान का शुक्र है कि हमारी जान बच गई।
बहादुरी पुरस्कार के लिए भेजेंगे नाम
कांस्टेबल दारा सिंह व मुकेश कुमार की बहादुरी के किस्से हर किसी के जुबान पर रहे। प्रेम नगर के लोगों के साथ-साथ घटनास्थल पर हर व्यक्ति ने पुलिस कर्मचारियों की तत्परता और बहादुरी को सलाम किया। आग बुझने के बाद प्रेम नगर के मौजिज लोगों ने दोनों पुलिस कर्मचारियों के गले मिलकर धन्यवाद किया। उधर, एसडीएम योगेश कुमार ने भी जवान को बहादुरी पुरस्कार के लिए नाम भेजने का आश्वासन दिया है। वहीं, सिटी थाना प्रभारी मोहन लाल व सिटी डीएसपी राजकुमार कौशिक ने पुलिस कर्मचारियों की प्रशंसा की।
...तो हो सकता था बड़ा हादसा
घटनास्थल पर मौजूद हर व्यक्ति यही कह रहा था कि अगर गैस के सिलेंडर अंदर रहते तो बड़े धमाके हो सकते थे, जिससे पड़ोसियों को भी नुकसान हो सकता था। अगर समय पर पुलिस नहीं पहुंचती और सिलेंडरों को बाहर नहीं निकालती जो जानी नुकसान भी हो सकता था। अनिल कुमार, प्रेमचंद, राज सिंह ने बताया कि पुलिस कर्मचारियों ने एक तरह से बहुत बड़े हादसे को टाल दिया।