प्रदेश के एकमात्र श्री कृष्णा राजकीय आयुर्वेदिक कालेज में मरीजों का डाटा अब आनलाइन कर दिया गया हैं। इस सुविधा से अब चिकित्सक मरीजों को दिये मशवरे और दवाईयों, बीमारियों को भी आनलाइन कर रहे हैं। अब चिकित्सकों को कागजी कार्रवाई से धीरे-धीरे छुटकारा मिलने लगा हैं। अहम पहलू यह है कि आयुष विभाग ने आयुर्वेदिक राजकीय कालेज को हाइटेक करने की तरफ एक और कदम बढ़ाया है।
अब रोजाना 250 मरीजों का आनलाइन पंजीकरण किया जा रहा हैं। आयुष विभाग ने जहां आयुर्वेदिक राजकीय कालेज को आयुष विश्वविद्यालय बनाने का निर्णय लिया है वहीं इस कालेज को हाइटेक करने की तरफ एक और कदम बढ़ाया हैं। राज्य के स्वास्थ्य एवं आयुष विभाग की तरफ से आयुर्वेदिक राजकीय कालेज में नवीनतम तकनीकी के कंप्यूटर स्थापित कर दिये हैं। राज्य सरकार द्वारा यह कार्य 27 फरवरी को कर दिया था।
इसके पश्चात मरीजों को डाटा आनलाइन करने का कार्य शुरू कर दिया गया हैं। उन्होंने बताया कि आयुर्वेदिक राजकीय अस्पताल में मरीजों की सुविधा को देखते हुये ओपीडी के 7 कक्ष बनाए गये हैं। इन कक्षों के समक्ष मरीजों के बैठने के लिये ही विशेष प्रबंध किये गये हैं।
अस्पताल में 21 विशेषज्ञ दे रहे हैं ड्यूटी : डॉ. उषा दत्त
प्रिंसिपल डॉ. उषा दत्त ने बताया कि 7 ओपीडी केंद्रों पर अलग-अलग रोगों के 21 विशेषज्ञ चिकित्सक विभागानुसार निर्धारित शेड्यूल के आधार पर ड्यूटी दे रहे हैं। इतना ही नहीं इन चिकित्सकों के अतिरिक्त 7 आयुर्वेदिक चिकित्सक, 1 पंचकर्मा हाउस अधिकारी व 1 योगा टीचर ड्यूटी दे रहे हैं।
उन्होंने बताया कि राजकीय अस्पताल में ओपीडी में प्रतिदिन 250 मरीजों का आनलाइन पंजीकरण दर्ज किया जा रहा हैं। इस आनलाइन पंजीकरण में चिकित्सक मरीजों की बीमारी बारे, दवाईयों का विस्तृत ब्यौरा सहित, मरीज से संबंधित तमाम डाटा अंकित कर रहे हैं। प्रशासन का प्रयास है कि कागजी कार्रवाई को धीरे-धीरे कम किया जाए।
न्होंने बताया कि अस्पताल में करीब 110 प्रकार की दवाइयां निशुल्क उपलब्ध करवाई जा रही हैं। इसके अलावा अस्पताल में एक्सरे, ईसीजी और खून, पेशाब, मल और बलगम के कुछ सामान्य टेस्ट भी किये जा रहे हैं।