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शेखुपुरा और सुहाना की महिलाओं ने काटा बवाल

Thu, 12 Dec 2013 11:23 PM IST
करनाल
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करनाल शहर की सहकारी चीनी मिल से उड़ने वाली राख जहां शहरी क्षेत्र में बनी आलीशान कोठियों को बदरंग कर रही है, वहीं, अब निकट के गांवों में भी शुगर मिल से उड़ने वाली राख ग्रामीणों के जी का जंजाल बनी है।
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शुगर मिल के निकट के गांव शेखुपरा और सुहाना गांव की महिलाओं ने तो वीरवार को इस विरोध में मिल के गेट पर पहुंच कर जबरदस्त नारेबाजी की। इन महिलाओं ने प्राथमिक तौर पर राख को नहीं उड़ने देने के लिए मिल की ओर से कोई संयंत्र लगाने की मांग की हे।

साथ ही चेतावनी दी है कि ऐसा नहीं किया गया तो महिलाएं मिल के सामने अनिश्चितकालीन धरना देंगी। विरोध का रूप विकराल भी हो सकता है। दोनों गांवों की करीब 25 से अधिक महिलाओं ने मिल के मुख्य गेट पर पहुंच कर मिल प्रबंधन के खिलाफ नारेबाजी की। महिलाओं ने कहा सरकार यूं तो पर्यावरण संरक्षण का ढिंढोरा पीट रही है। प्रदूषण फैलाने के नाम पर बाइकों तक के चालान होते है।
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इतनी बड़ी शुगर फैक्टरी से जो राख उड़ रही है। उसके प्रदूषण के संदर्भ पूरा प्रशासन चुप है। अब ऐसा किसी हाल बर्दाश्त नहीं होगा। इन महिलाओं में शामिल गुरदेई, बाला, केलादेवी व संतोष ने कहा प्रशासन को कोई भी काम करने से पूर्व तकनीकी ढंग से सब कुछ जांच लेना चाहिए।

बरसों से शुगर फैक्टरी चल रही है। शहर के लोगों को पहले से ही परेशानी थी। उन लोगों को भी परेशानी थी। कोई ध्यान नहीं दे रहा था। अब राख अधिक उड़ने लगी है तो उन्हें यह कदम उठाना पडा। खास बात है कि मिल की राख से शहर के क्षेत्र में बनी कई आलीशान कोठियां बुरी तरह बदरंग हो रही है।

लोगों के घरों में बरामदों में खड़ी होने वाली गाड़ियाें और अन्य सामान पर राख जम जाती है। इतना ही नहीं यह राख लोगों की आंख में घुस जाती है और उन लोगों को परेशानी झेलनी पड़ती है। प्रशासन को चाहिए कि वह इस संबंध मे व्यवस्था करे, अन्यथा इसका कड़ा विरोध किया जाएगा।  

अधिकारी व कर्मचारी के बीच मारपीट की घटना बनी चर्चा का विषय
जुंडला में अधिकारी व एक कर्मचारी के बीच हुई कथित मारपीट की घटना क्षेत्र में चर्चा का विषय बनी हुई है। हर कोई यह जानना चाहता है कि आखिर ऐसी क्या आन पड़ी थी कि जो दोनों के बीच स्थिति मारपीट तक पहुंच गई। किसी भी पक्ष की ओर से इस बारे में विभाग के संबंधित अधिकारियों को लिखित शिकायत भी नहीं की गई है।

मौके पर मौजूद कई लोगों ने आपसी तौर पर बीचबचाव करवा के मामले को रफा-दफा करवाया। घटना चिड़ाव मोड़ स्थित विकास एवं पंचायत अधिकारी खंड निसिंग के कार्यालय में हुई। विकास एवं पंचायत विभाग का कार्यालय होने की वजह से आमतौर पर हर वक्त  कर्मचारियों सहित सैकड़ों ग्रामीणों का आना जाना लगा रहता है। विभाग के अधिकारी इस घटना को कहासुनी होने तक मान रहे हैं।

चर्चा है कि कर्मचारी ने जैसे ही अधिकारी के ऑफिस में प्रवेश किया तो कुछ देर बाद जोर-जोर से भला बुरा कहने की आवाजें सुनाई दी। इसके बाद अधिकारी के कमरे के बाहर कई लोग एकत्रित हो गए और बीचबचाव किया। चर्चा है कि जिस दौरान यह घटना घटित हो रही थी तब कर्मचारी ने अधिकारी को अचानक धक्का मार दिया। अधिकारी जमीन पर गिर गया। गनीमत रही कि इस घटना में किसी को भी चोट नहीं आई।

देखते ही देखते घटना लोगों के बीच कौतूहल का विषय बन गई। इस दौरान कार्यालय में जो भी व्यक्ति आ रहा था, वो ही यह जानने का प्रयास करता दिखाई दिया कि आखिर इन दोनों के बीच ऐसी क्या स्थिति बन गई, जो नौबत यहां तक पहुंच गई। घटना के बाद कई लोग इस संदर्भ में कई तरह के चटकारे लेते रहे। मौके पर कई लोग यह भी कहते सुनाई दिए कि सरकारी ड्यूटी में आपस में मारपीट का क्या काम।

घटना के संबंध में पंचायत अधिकारी राजबीर खुंडिया ने बताया कि मारपीट होनेे जैसी तो कोई बात सामने नहीं आई है। जिस वक्त यह घटना हुई उस वक्त में कार्यालय से बाहर थे। हां, अधिकारी व एक कर्मचारी के मध्य कहासुनी अवश्य हुई है। किसी पक्ष की ओर से किसी प्रकार की लिखित तौर शिकायत प्राप्त नहीं हुई है।

अधिकारी पक्ष ने मुझे मौखिक तौर पर एक कर्मचारी की ओर से बदतमीजी किए जाने के बारे में अवश्य अवगत करवाया है। दोनों पक्षों को आपस में बैठाकर समझा दिया गया है। बताया गया है कि इस घटना से जुड़ा कर्मचारी कुछ माह बाद ही सेवानिवृत्त होने वाला है।
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