करनाल में गुजरात के शिक्षा मंत्री भूपेंद्र सिंह चूड़ासमा ने कहा कि बड़ौदा में बनने वाली सरदार वल्लभ भाई पटेल की प्रतिमा देश की एकता और अखंडता की अनूठी मिसाल होगी।
इसके लिए भाजपा के प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार नरेंद्र भाई मोदी की सोच पर देशभर में 15 दिसंबर को रन फॉर यूनिटी का आयोजन किया जाएगा। इस दौड़ में शामिल होने के लिए लोगों में भारी उत्साह देखने को मिल रहा है। पहली बार पूरे देश में किसी एक कार्य के लिए करोड़ों लोग एक साथ दौड़कर विश्व कीर्तिमान बनाएंगे।
चूड़ासमा वीरवार को करनाल के सर्किट हाउस में पत्रकारों से रूबरू थे। मौके पर भाजपा के प्रदेशाध्यक्ष प्रो. रामविलास शर्मा, राष्ट्रीय किसान मोर्चा के अध्यक्ष ओमप्रकाश धनखड़ मौजूद रहे। चूड़ासमा ने कहा कि सरदार वल्लभ भाई पटेल के नाम पर रन फॉर यूनिटी बहुत बड़ा जन आंदोलन होगा।
23 सौ करोड़ रुपये की लागत से बनने वाली प्रतिमा स्टेच्यू ऑफ लिबर्टी से भी बहुत ऊंची होगी। स्टेच्यू ऑफ लिबर्टी की ऊंचाई 93 मीटर है। वल्लभ भाई की प्रतिमा 182 मीटर ऊंची होगी। इसके लिए वे हरियाणा के मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा और पंजाब के मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल और दोनों राज्यों के राज्यपाल से मिल चुके हैं।
सकारात्मक सहयोग मिलने की उम्मीद जताई है। यह मुद्दा राजनीतिक नहीं है। सामाजिक सरोकार का मुद्दा है। उन्होंने पत्रकारों के किसी भी तरह के राजनीति से जुडे़ सवाल पर टिप्पणी करने से साफ इंकार कर दिया।
पटेल पीएम होते तो रामलला टेंट में नहीं होते
भाजपा किसान मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष ओमप्रकाश धनखड़ ने कहा कि सरदार वल्लभ भाई पटेल प्रधानमंत्री होते तो रामलला टेंट में नहीं होते।
पटेल को देश का पहला प्रधानमंत्री बनने से महात्मा गांधी ने किसी तरह रोक दिया था। बाद में महात्मा गांधी के पत्र का लिखित मेें जवाब देते हुए जवाहरलाल नेहरू ने कहा था कि जैसा देश वे चलाना चाहते हैं, वैसे देश नहीं चल सकता।
पटेल ने देश को एक किया
भाजपा प्रदेशाध्यक्ष प्रो. रामविलास शर्मा ने कहा कि भाजपा के प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार नरेंद्र भाई मोदी ने रन फॉर यूनिटी के जरिए देश को एकता के सूत्र में बांधने का काम प्रारंभ किया है।
यह काम वल्लभ भाई पटेल की प्रतिमा के जरिए किया जा रहा है। पटेल ने आजादी के पूर्व पटेल ने देश की 565 रियासतों को एक करने का काम किया था। अब नरेंद्र भाई मोदी इस काम को कर रहे है। स्वयं नरेंद्र भाई मोदी ने अपने हाथ से देशभर के तमाम गांवों के मुखियाओं को पत्र लिखकर इस काम के लिए सहयोग मांगा है।
उन्होंने कहा कि वे लोहे का टुकड़ा और मिट्टी अपने गांव की भेजें। इसके साथ ही अपने फोटो के साथ सहयोग करने वाले लोगों की फोटो भी भेजें। लोहा और मिट्टी प्रतिमा के निर्माण के प्रयोग की जाएगी और फोटो वहां बनने वाले संग्रहालय में लगाए जाएंगे।
अरविंद केजरीवाल के संदर्भ में बोलते हुए उन्होंने कहा कि देश की जनता भ्रष्टाचार और महंगाई से परेशान है। इन दोनों बुराइयों ने कांग्रेस के शासन में देश को खोखला कर दिया है। बाबा रामदेव, अन्ना हजारे, किरण बेदी और केजरीवाल ने इन मुद्दों को उठाया है। हरियाणा के संदर्भ में उन्होंने कोई टिप्पणी नहीं की।
एयरपोर्ट के पास कॉलोनी के विरोध में उतरे पार्षद
करनाल के वार्ड दो के पार्षद बलविंदर सिंह ने एयरपोर्ट के पास कॉलोनी को डेवलप नहीं होने देने का मुद्दा गंभीरता से उठाया है।
पार्षद के अनुसार इस क्षेत्र में डीटीपी विभाग की ओर से मास्टर प्लान में सड़क के लिए जमीन छोड़ रखी है। ऐसे में वहां कुछ भूमाफिया अधिकारियों से मिलीभगत कर कॉलोनी बसाकर लोगों के साथ छलावा करने पर तुले हैं। भूमाफिया कॉलोनी काटकर रुपये बनाने के चक्कर में है।
उनका आरोप है कि डीटीपी के सहारे के बिना ऐसा करना कतई संभव नहीं है। पार्षद ने कहा कुछ भी हो जाए वे अपने वार्ड के क्षेत्र में लोगों की जेब गलत ढंग से नहीं कटने देंगे। इसके लिए उन्हें चाहे प्रदर्शन करना पडे़गा। आवश्यकता पड़ी तो अदालत जाने से भी गुरेज नहीं करेंगे।
नगर निगम के पार्षद बलविंदर सिंह का आरोप है कि कुछ दिन पूर्व भूमाफिया ने अधिकारियों से मिलकर एयरपोर्ट के साथ लगते ऐसे क्षेत्र में कॉलोनी काट दी, जो मास्टर प्लान में जगह सड़क के लिए छोड़ रखी है। ऐसे स्थान पर जमीन खरीदने वाले लोगों के लिए भविष्य में बड़ी मुसीबत होने से इंकार नहीं किया जा सकता है।
कानूनी लिहाज से उन लोगों को जमीन भी खाली करनी पडे़गी और उन लोगों के लाखों रुपये भी भूमाफिया के पास चले जाएंगे। वे अपने वार्ड के क्षेत्र में ऐसा किसी हाल नहीं होने देंगे। अधिकारियों की ओर से केवल दिखावे के तौर पर कार्रवाई की गई। कड़ी कार्रवाई हुए बिना कॉलोनाइजर बाज आने वाले नहीं है।
कुछ भी हो वह अपने क्षेत्र के लोगों के पक्ष में संघर्ष करेंगे। वह किसी हाल चुप बैठने वाले नहीं। उधर, दूसरी ओर डीटीपी एसके पूनिया ने कहा इस मामले में कार्रवाई की गई है। दोबारा मौके पर पहुंच कर अवैध निर्माण तोडे़ गए हैं। तहसीलदार उनके साथ बतौर ड्यूटी मजिस्ट्रेट गए थे।
तहसीलदार को उस क्षेत्र की रजिस्टरी नहीं करनेे के लिए लिखा गया है। दो लोगों के खिलाफ मामला दर्ज करवाया जा चुका है। पूरी कार्रवाई करने के साथ उपायुक्त को विस्तार से जानकारी दी गई है। वह पूरा जिला का काम देखते है। किसी एक क्षेत्र के लिए सरकार उन्हें वेतन नहीं देती है।
ऐसा नहीं है कि आगे कार्रवाई नहीं की जाएगी। मामला सामने आया तो कार्रवाई की जाएगी। मिलीभगत के आरोप निराधार है।