करनाल। दयाल सिंह कॉलेज में वीरवार को महिलाओं का वित्तीय एवं राजनीतिक समावेशन समानता, सुरक्षा एवं सशक्तिकरण के मार्ग विषय पर एकदिवसीय बहुविषयक राष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन किया गया।
संगोष्ठी में देशभर के विभिन्न शिक्षण संस्थानों से आए 135 प्रतिभागियों ने भाग लिया। औपचारिक उद्घाटन प्राचार्या डॉ. आशिमा गक्खड़ ने किया। उन्होंने कहा कि वास्तविक सशक्तीकरण केवल प्रतीकात्मक नहीं, बल्कि सामाजिक संरचना में गहराई से बदलाव लाने वाला होना चाहिए जिससे महिलाओं को आत्मनिर्भरता और सम्मान मिल सके। संयोजक डॉ. सरिका चौधरी ने कहा कि महिलाओं के सशक्तीकरण के लिए वित्तीय संसाधनों की पहुंच, राजनीतिक भागीदारी और सामाजिक गरिमा का एकीकृत विकास जरूरी है।
मुख्य अतिथि डॉ. वैशाली शर्मा रहीं। मुख्य वक्ता डॉ. नीरा वर्मा ने महिलाओं की आर्थिक भागीदारी और लोकतांत्रिक समावेशन के बीच संबंधों पर प्रकाश डाला। विशिष्ट अतिथि ज्योति मल्होत्रा, कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय की प्रो. डॉ. वनीता ढींगरा ने भी विचार रखे।
मुख्य अतिथि डॉ. इरम हसन ने महिलाओं की सुरक्षा और अधिकारों के लिए कानूनी जागरूकता को जरूरी बताया।