एडीसी राहुल रईया और डीएसपी राजीव ने मामले की जांच के लिए तीन सदस्यीय एसआईटी गठित की है। एडीसी ने बताया कि इनमें आईपीएस रविंद्र, डीएसपी महिला मीना और सेक्टर-9 चौकी प्रभारी उप निरीक्षक संदीप कुमार को शामिल किया गया है। अफसरों ने गीतू के परिजनों को आश्वासन दिया कि मामले की तह तक जांच की जाएगी। इसके बाद दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी।
गीतू तंवर की पत्नी प्रीति की शिकायत पर पुलिस ने उत्तर हरियाणा बिजली निगम के एमडी आईएएस विक्रम सिंह समेत 14 को नामजद किया है। इनमें एक्सईएन रणबीर देशवाल, एक्सईएन अश्वनी कौशिक, एसडीओ सतीश गोयत, एसडीओ प्रदीप कुमार, एसई मनिंद्र सिंह, अंडर सेक्रेटरी मोहित भटनागर, एक्सईएन राज सिंह, एसडीओ आशीष महल, एसडीओ रुपेश के साथ नवीन दलाल, ओमबीर धनखड़, टोनू कोहाड़ और हरियाणा भाईचारा मीडिया को नामजद किया गया है।
गीतू राम तंवर के सुसाइड नोट में उत्तर हरियाणा बिजली वितरण निगम के एमडी आईएएस विक्रम सिंह, एक्सईएन रणबीर देशवाल, अश्विनी कौशिक, राज सिंह और चार एसडीओ सतीश गोयत, प्रदीप कुमार, आशीष महल व रूपेश के अलावा तीन अधीक्षण अभियंता (एसई) मनिंदर सिंह, धर्म सुहाग, अजय कोहर और अंडर सेक्रेटरी मोहित भटनागर के नाम लिखे थे। पुलिस ने नोट के आधार पर प्राथमिकी तो दर्ज की लेकिन इनमें से किसी को नामजद नहीं किया था। नोट के साथ ही तंवर की पत्नी की ओर से दी शिकायत को जोड़ते हुए पुलिस ने 14 को नामजद किया।
सुसाइड नोट में एसई धर्म सुहाग और अजय कोहड़ के नाम का भी जिक्र था लेकिन गीतू की पत्नी की शिकायत के अनुसार, पुलिस ने इनसे अलग नवीन दलाल, ओमबीर धनखड़, टोनू कोहाड़ और हरियाणा भाईचार मीडिया इन चारों के नाम एफआईआर में जोड़े। डीएसपी राजीव कुमार ने बताया कि मामले की जांच में यदि और संलिप्तता मिलेगी या परिवार की ओर से नाम दिए जाएंगे, तो उन्हें भी जोड़ा जाएगा।
भाई राजकुमार कटारिया ने बताया कि उनकी मांग के अनुसार पुलिस ने एसआईटी गठित कर दी है। इसमें एक आईपीएस, डीएसपी और इंस्पेक्टर को जांच सौंपी गई है। इसके अलावा पत्नी प्रीति की शिकायत में दिए गए नाम भी एफआईआर में जुड़े हैं। प्रशासन ने गीतू तंवर की नौकरी के जो भी वित्तीय भत्ते या लाभ बनते हैं परिवार को दस दिन में दिलवाने का आश्वासन दिया है। गीतू अपने अंतिम नोट में भी कानूनी और संविधान की प्रक्रिया के तहत ही न्याय व कार्रवाई की मांग कर गए थे।
शिकायत के आधार पर प्राथमिकी में 14 नाम जोड़ दिए हैं। एसआईटी मामले की जांच करेगी। विभागीय जांच और कार्रवाई के लिए व सेवानिवृत्ति भत्ते के लिए बिजली निगम के उच्चाधिकारियों से पत्राचार किया गया है। -राजीव कुमार, डीएसपी।