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एसई गीतू राम तंवर सुसाइड मामला: बिजली निगम एमडी समेत 14 नामजद, एसआईटी करेगी जांच; एफआईआर में नए नाम जोड़े

Wed, 02 Sep 2026 10:43 AM IST
Naveen माई सिटी रिपोर्टर, करनाल

सार

एडीसी राहुल रईया और डीएसपी राजीव ने मामले की जांच के लिए तीन सदस्यीय एसआईटी गठित की है। एडीसी ने बताया कि इनमें आईपीएस रविंद्र, डीएसपी महिला मीना और सेक्टर-9 चौकी प्रभारी उप निरीक्षक संदीप कुमार को शामिल किया गया है।
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गीतू राम तंवर (फाइल फोटो) - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
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बिजली निगम के निलंबित एसई गीतू राम तंवर के रिटायरमेंट के दिन आत्महत्या करने के मामले में पुलिस ने उनकी पत्नी प्रीति की शिकायत पर बिजली निगम के एमडी समेत 14 लोगों को नामजद किया है। मामले की जांच एसआईटी करेगी और 10 दिन में उन्हें सेवानिवृत्ति के भत्ते भी दिए जाएंगे। एडीसी राहुल रईया और डीएसपी राजीव के इस आश्वासन के बाद परिजनों ने मौत के 34 घंटे बाद गीतू राम तंवर के शव का अंतिम संस्कार किया गया। मॉडल टाउन शिवपुरी में बेटे स्वास्तिक और बेटी नीति ने मुखाग्नि दी।

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मंगलवार को दिनभर प्रशासनिक अधिकारी गीतू राम तंवर के परिवार को मनाने में जुटे रहे लेकिन परिजन और समाज के लोग आरोपियों को नामजद करने, गिरफ्तारी की मांग पर अड़े रहे। दोपहर को डीएसपी राजीव, शुगर मिल की एमडी अदिति और बाद में एडीसी राहुल रईया पहुंचे। डीएसपी ने पत्नी की शिकायत पर सोमवार को दर्ज प्राथमिकी में ही 14 नाम जोड़ने की प्रति परिवार को सौंपी। इसके बाद अन्य लोग गिरफ्तारी की मांग पर अड़ गए।

इस पर पुलिस और प्रशासनिक टीम ने जांच का हवाला दिया। बाद में एडीसी ने एसआईटी की गठन और 10 दिन में सेवानिवृत्ति संबंधि भत्ते दिलाने का आश्वासन दिया तो शाम को करीब चार बजे मेडिकल कॉलेज के शवगृह से परिवार ने शव उठाया। इसके बाद करीब शाम 5 बजे अंतिम संस्कार किया गया। सोमवार को सुबह 8 बजे घर से कुछ दूरी पर ही निलंबित एसई गीतू राम तंवर का शव उनकी कार में मिला था।
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इस दौरान पुलिस को उनकी कार से ही सुसाइड नोट बरामद हुआ था, जिसमें उन्होंने बिजली निगम के एमडी आईएएस अधिकारी समेत 12 अधिकारियों पर प्रताड़ित करने के आरोप जड़े थे। वे कुछ माह पूर्व जाट-झोटा वाली टिप्पणी का वीडियो वायरल होने के बाद विवादों में आए थे और 2 अप्रैल को निगम ने उन्हें निलंबित कर दिया।

आईपीएस, डीएसपी और उप निरीक्षक एसआईटी में शामिल

एडीसी राहुल रईया और डीएसपी राजीव ने मामले की जांच के लिए तीन सदस्यीय एसआईटी गठित की है। एडीसी ने बताया कि इनमें आईपीएस रविंद्र, डीएसपी महिला मीना और सेक्टर-9 चौकी प्रभारी उप निरीक्षक संदीप कुमार को शामिल किया गया है। अफसरों ने गीतू के परिजनों को आश्वासन दिया कि मामले की तह तक जांच की जाएगी। इसके बाद दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी।

पत्नी की शिकायत पर 14 नामजद

गीतू तंवर की पत्नी प्रीति की शिकायत पर पुलिस ने उत्तर हरियाणा बिजली निगम के एमडी आईएएस विक्रम सिंह समेत 14 को नामजद किया है। इनमें एक्सईएन रणबीर देशवाल, एक्सईएन अश्वनी कौशिक, एसडीओ सतीश गोयत, एसडीओ प्रदीप कुमार, एसई मनिंद्र सिंह, अंडर सेक्रेटरी मोहित भटनागर, एक्सईएन राज सिंह, एसडीओ आशीष महल, एसडीओ रुपेश के साथ नवीन दलाल, ओमबीर धनखड़, टोनू कोहाड़ और हरियाणा भाईचारा मीडिया को नामजद किया गया है।

सुसाइड नोट में थे 12 के नाम

गीतू राम तंवर के सुसाइड नोट में उत्तर हरियाणा बिजली वितरण निगम के एमडी आईएएस विक्रम सिंह, एक्सईएन रणबीर देशवाल, अश्विनी कौशिक, राज सिंह और चार एसडीओ सतीश गोयत, प्रदीप कुमार, आशीष महल व रूपेश के अलावा तीन अधीक्षण अभियंता (एसई) मनिंदर सिंह, धर्म सुहाग, अजय कोहर और अंडर सेक्रेटरी मोहित भटनागर के नाम लिखे थे। पुलिस ने नोट के आधार पर प्राथमिकी तो दर्ज की लेकिन इनमें से किसी को नामजद नहीं किया था। नोट के साथ ही तंवर की पत्नी की ओर से दी शिकायत को जोड़ते हुए पुलिस ने 14 को नामजद किया।

दो नाम बाहर हुए, चार नए जुड़े

सुसाइड नोट में एसई धर्म सुहाग और अजय कोहड़ के नाम का भी जिक्र था लेकिन गीतू की पत्नी की शिकायत के अनुसार, पुलिस ने इनसे अलग नवीन दलाल, ओमबीर धनखड़, टोनू कोहाड़ और हरियाणा भाईचार मीडिया इन चारों के नाम एफआईआर में जोड़े। डीएसपी राजीव कुमार ने बताया कि मामले की जांच में यदि और संलिप्तता मिलेगी या परिवार की ओर से नाम दिए जाएंगे, तो उन्हें भी जोड़ा जाएगा।

भाई बोले, गीतू लिख गए कानून के तहत हो कार्रवाई

भाई राजकुमार कटारिया ने बताया कि उनकी मांग के अनुसार पुलिस ने एसआईटी गठित कर दी है। इसमें एक आईपीएस, डीएसपी और इंस्पेक्टर को जांच सौंपी गई है। इसके अलावा पत्नी प्रीति की शिकायत में दिए गए नाम भी एफआईआर में जुड़े हैं। प्रशासन ने गीतू तंवर की नौकरी के जो भी वित्तीय भत्ते या लाभ बनते हैं परिवार को दस दिन में दिलवाने का आश्वासन दिया है। गीतू अपने अंतिम नोट में भी कानूनी और संविधान की प्रक्रिया के तहत ही न्याय व कार्रवाई की मांग कर गए थे।
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शिकायत के आधार पर प्राथमिकी में 14 नाम जोड़ दिए हैं। एसआईटी मामले की जांच करेगी। विभागीय जांच और कार्रवाई के लिए व सेवानिवृत्ति भत्ते के लिए बिजली निगम के उच्चाधिकारियों से पत्राचार किया गया है। -राजीव कुमार, डीएसपी।
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