पशुपालकों के इस फैसले के बाद एक दिन वीटा को भी दूध नहीं दिया गया। हालांकि नुकसान को देखते हुए एक पशुपालक ने पुराने रेट पर दूध देना शुरू किया तो अन्य पशुपालकों ने भी वीटा को दूध देना शुरू कर दिया। अब दूध के नए रेट को लेकर पशुपालक जल्द दोबारा पंचायत बुलाने की तैयारी कर रहे हैं।
जींद में 70-80 रुपये लीटर बिक रहा भैंस का दूध
जींद क्षेत्र में फिलहाल भैंस का दूध 70 से 80 रुपये और गाय का दूध 50 से 60 रुपये प्रति लीटर बिक रहा है। पशुपालकों का कहना है कि पशु आहार, तूड़ी, दवाइयों और अन्य खर्च लगातार बढ़ रहे हैं। ऐसे में मौजूदा कीमतों पर दूध बेचने से पशुपालन में आमदनी कम हो रही है। उनका कहना है कि लागत के अनुपात में दूध का भाव बढ़ना जरूरी है।
राजथल से शुरू हुई मुहिम, कई जिलों में बनी रणनीति
दूध के दाम बढ़ाने की मुहिम हिसार जिले के राजथल गांव से शुरू हुई थी। वहां पशुपालकों ने एक सितंबर से भैंस का दूध 100 रुपये, गाय का दूध 80 रुपये प्रति लीटर और देसी घी 1500 से 2500 रुपये प्रति किलोग्राम करने का निर्णय लिया था। इसके बाद हांसी, कुरुक्षेत्र, कैथल और जींद में भी पशुपालक बैठकें कर दूध के दाम बढ़ाने पर मंथन कर रहे हैं।
हांसी के तीन गांवों में दूध, घी और लस्सी के रेट तय
हांसी क्षेत्र के भैणी अमीरपुर, मिर्चपुर और राजथल गांवों के पशुपालकों ने भी दूध, लस्सी और देसी घी के न्यूनतम बिक्री मूल्य तय किए हैं। यहां भैंस का दूध 100 रुपये और गाय का दूध 80 रुपये प्रति लीटर तय किया गया है। इससे कम कीमत पर दूध बेचने पर 5100 रुपये जुर्माने का प्रावधान किया गया है। वहीं देसी घी का न्यूनतम मूल्य 1500 रुपये प्रति किलोग्राम और लस्सी का 20 रुपये प्रति लीटर तय किया गया है।
हालांकि भैणी अमीरपुर के सरपंच प्रीतम लुहान और राजथल की सरपंच रेणु ने स्पष्ट किया कि दूध और घी के दाम बढ़ाने का फैसला पंचायत की ओर से नहीं लिया गया है। ये निर्णय पशुपालकों की बैठकों में किए गए हैं।
कुरुक्षेत्र में वीटा प्लांट मैनेजर और डीसी को सौंपा ज्ञापन
कुरुक्षेत्र डेयरी फार्मर एसोसिएशन ने भी दूध के उचित मूल्य और दूध में मिलावट पर प्रभावी नियंत्रण की मांग उठाई है। एसोसिएशन के महासचिव पौरस मेहला के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने वीटा प्लांट मैनेजर सुखदेव राज और उपायुक्त विश्राम कुमार मीणा से मुलाकात कर ज्ञापन सौंपा। पशुपालकों ने बढ़ती लागत को देखते हुए दूध के मूल्य में उचित वृद्धि की मांग की। साथ ही दूध से संबंधित समितियों में पशुपालकों को शामिल करने और दूध में मिलावट करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग भी उठाई।
एक सितंबर से नए रेट पर जोर
पशुपालकों का कहना है कि भैंस के दूध का 100 रुपये प्रति लीटर और गाय के दूध का 80 रुपये प्रति लीटर मूल्य तय करने का उद्देश्य बढ़ती लागत के बीच पशुपालन को आर्थिक रूप से मजबूत बनाए रखना है। जींद समेत अन्य जिलों में भी इस मुद्दे पर बैठकें जारी हैं। आने वाले दिनों में दूध के नए रेट को लेकर पशुपालकों की मुहिम और तेज होने की संभावना है।