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Karnal News: ग्लोबल वार्मिंग से निपटेंगे वैज्ञानिक, संयुक्त रोडमैप तैयार

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- महाराणा प्रताप उद्यान विश्वविद्यालय में हुए दो दिवसीय अंतराष्ट्रीय सम्मेलन में जुटे वैज्ञानिक
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माई सिटी रिपोर्टर
करनाल। ग्लोबल वार्मिंग से सिर्फ कृषि ही नहीं बल्कि मानव जीवन पर भी खतरा मंडराने लगा है। इन्हीं चुनौतियों से निपटते हुए समाधान निकालने के लिए महाराणा प्रताप उद्यान विश्वविद्यालय (एमएचयू) करनाल में आयोजित अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन के दूसरे दिन वैज्ञानिकों ने एक संयुक्त रोडमैप तैयार किया है। जिसके आधार पर भविष्य के शोध कार्य आगे बढ़ेंगे।
अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन की अध्यक्षता करते हुए एमएचयू के कुलपति डॉ. सुरेश मल्होत्रा ने कहा कि दो दिवसीय अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में जलवायु परिवर्तन के कारण विश्व में उत्पन्न समस्याओं पर गहन मंथन चला। इससे उत्पन्न चुनौतियों से कैसे निपटा जाए और आगामी शोध को किस दिशा में आगे बढ़ाया जाए। इन सब मुद्दों को लेकर राष्ट्रीय ओर अंतरराष्ट्रीय स्तर के विश्व विख्यात वैज्ञानिकों ने एक रोड मैप तैयार किया। जिस पर आगामी कार्य आगे बढ़ेंगे।
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उन्होंने कहा कि ग्लोबल वॉर्मिंग के कारण विश्व में खेती किसानी सहित मानव जीवन में आमूलचूल परिवर्तन देखने को मिल रहा है। वैज्ञानिकों के समक्ष विश्व की सबसे बड़ी समस्या से निटपना चुनौती हैं, क्योंकि ग्लोबल वॉर्मिंग के चलते न केवल कृषि प्रभावित हुई है बल्कि मानव जीवन पर संकट है। यहां एकत्र हुए वैज्ञानिकों ने इसका समाधान खोजने के लिए चर्चा की और संयुक्त रूप से एक रोडमैप तैयार किया है। जिस पर सभी मिलकर काम करेंगे ओर जलवायु परिवर्तन की चुनौती से निपटने की दिशा में आगे बढ़ेंगे। नए-नए खाद्य उत्पादों की जरूरत बन गई है, नवीन खाद्य पदार्थ अपनाने होंगे, जो स्वास्थ्य के लिए लाभदायक हैं, जिसमें मशरूम आदि शामिल हैं। कुलपति ने कहा कि आजादी के सौ साल पूरे होंगे, तब तक भारत खाद्य उत्पादन में ग्लोबल पावर बनकर उभरेगा।
मोहन लाल सुखाडिया विश्वविद्यालय उदयपुर राजस्थान की कुलपति डॉ. सुनीता मिश्रा ने एमएचयू के कुलपति की प्रशंसा करते हुए कहा कि जो विषय सम्मेलन के लिए चुना है, वो समय की मांग है। जिस पर गहन मंथन करना अब समय की मांग बन चुका है। बागवानी, कृषि में उपयुक्त होने वाली नवीनतम तकनीकों को अनिवार्य तौर पर अपनाना चाहिए।
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शहरीकरण से बढ़ रही समस्याओं पर चर्चा
श्रीराम कॉलेज मुजफ्फरनगर के चेयरमैन डॉ. एससी कुलश्रेष्ट ने शहरीकरण के बढ़ने से उत्पन्न होने वाली समस्याओं को रेखांकित किया। सरदार वल्लभभाई पटेल कृषि विश्वविद्यालय मेरठ के डीन डॉ. बिजेंद्र सिंह का वैज्ञानिकों की चर्चा को भविष्य के लिए बेहद आवश्यक बताया। एमएचयू के डीन पीजीएस डॉ. धर्मपाल ने सम्मेलन में आए अथितियों, अधिकारियों, वैज्ञानिकों और भावी वैज्ञानिकों का आभार व्यक्त किया।
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