गरीब बच्चों को प्राइवेट स्कूलों में निशुल्क शिक्षा के मुद्दे को लेकर
प्राइवेट स्कूली संगठन एकजुट हो गए हैं। सरकार द्वारा निजी स्कूलों में 10
प्रतिशत से 25 प्रतिशत सीटें बढ़ाने की घोषणा से तंग आकर सभी निजी स्कूलों
ने 7 अक्टूबर को करनाल व रोहतक में बंद का ऐलान कर दिया है।
इतना ही नहीं
सरकार द्वारा स्कूली बसों में सीसीटीवी कैमरे और महिला कंडक्टर की नियुक्ति
का भी विरोध किया। इस मामले को लेकर निजी स्कूलों की गोल्डन पब्लिक स्कूल
में बैठक बुलाई गई। फेडरेशन ऑफ प्राइवेट स्कूल हरियाणा के प्रवक्ता सुरजीत
सुभरी ने बताया कि सीबीएसई स्कूलों की संस्था करनाल इंडिपेंडेंट स्कूल
एसोसिएशन, फेडरेशन ऑफ प्राइवेट स्कूल हरियाणा, हरियाणा यूनाइटिड स्कूल
एसोसिएशन के प्रतिनिधियों ने संयुक्त रूप से भाग लिया।
बैठक में संगठनों के
प्रतिनिधियों ने बताया कि 25 प्रतिशत सीटों के अतिरिक्त स्कूल बसों की
अवधि 15 से घटाकर 10 वर्ष करना और स्कूल बसों में सीसीटीवी एवं जीपीएस
सिस्टम लगवाना भी सरकार ने अनिवार्य कर दिया है। इनका वह विरोध करते हैं,
इसीलिए बंद का ऐलान किया गया है। मीटिंग में सीबीएसई स्कूलों के प्रधान
आरएस विर्क, सहोदय स्कूल कांपलेक्स के प्रधान डॉ. राजन लांबा, फेडरेशन ऑफ
प्राइवेट स्कूल हरियाणा के प्रांतीय महासचिव सुशील शर्मा, सुरजीत सुभरी,
अविनाश बंसल, विक्रम चौधरी, संजय भाटिया, केएस चीमा, संजय पठानिया, साहब
सिंह, गोपी शर्मा, रणबीर धवन, डी.के. शर्मा, एस.के. लाठर, ललित सरदाना, मदन
मोहन शर्मा, राहुल सैणी, राजबीर सिंह, रवि शर्मा, संतोष नारंग, राज
अरोड़ा, मंजू, आशा ग्रोवर, नरेश कुमार, रजत नारंग आदि उपस्थित रहे।