फलाने ने सरकारी धान की खरीद कर ली है, अब मैं भी खरीदूंगा। ऐसा न करें। ऐसा किया तो उसे बिरादारी से निकाला जाएगा। निसिंग वाले और अंबाला वाले सारी बिरादरी से अलग चलते हैं। यदि यह नहीं मानते तो न मानें। लेकिन जब तक हमारी तीन मांगें पूरी नहीं होती, हम सरकारी धान का एक भी दाना मिलों में नहीं जाने देंगे। कुरुक्षेत्र इसकी सबसे पहले घोषणा करता है। यमुनानगर से भी एक भी दाना शैलर में नहीं जाएगा।
ढांड से भी कोई खरीद नहीं होगी। कर्णलेक पर सरकार व प्रदेशभर के राइस मिलर्स के बीच हुई बैठक के दौरान कुछ ऐसा ही नजारा देखने को मिला। पहले चरण की बैठक के बाद जैसे ही कार्यकारी प्रधान जयपाल जैन सरकारी अधिकारियों के आश्वासनों को बताने लगे तो गुस्से से भड़के राइस मिलर्स ने कुछ इसी अंदाज में अपनी बात कही। इस दौरान राइस मिलर्स ने एक दूसरे पर भड़ास निकालते हुए आपसी फूट का जाहिर किया।
कुरुक्षेत्र के राइस मिलर्स सुधीर ने बैठक में जमकर हंमागा किया। सुधीर ने कहा कि कुछ लोग अपने सफेद कुर्ता को चमकाने के लिए हमारा भविष्य खराब करने में लगे हैं। आज यहां जो कुछ हो रहा है वह केवल राजनीति चमकाने के चक्कर में हो रहा है। हालात इस कदर बिगड़ गए कि स्टेट प्रधान को बैठक में मौजूद राइस मिलर्स को बैठाने के लिए हाथ जोड़ने पड़ें।
जिम्मेदारी तो कोई अपने बेटे की नहीं लेता, मैं सारों की कैसे लूं
बैठक के दौरान राइस मिलर्स में जमकर तू-तू, मैं-मैं हुई। कुछ राइस मिलर्स धान की बारीक किस्त 1509 की सरकारी खरीद को भी खरीदने का चाहते थे तो कुछ पूरी तरह से सरकारी खरीद का बहिष्कार कर रहे थे। इसी दौरान एक राइस मिलर्स बीच से उठकर बोला कि जब जिले के प्रधान अपने ही राइस मिलर्स को नहीं रोक सकते तो वे प्रधान काहे को बने हैं। इसी बीच कुछ राइस मिलर्स प्रदेश प्रधान जयपाल जैन से बोले कि स्टेट प्रधान इस बात की जिम्मेदारी ले कि कोई भी प्रदेश का मिलर्स सरकारी धान की खरीद नहीं करेगा। इस पर तपाक से जवाब देते हुए जैन ने कहा कि जिम्मेदारी तो कोई अब अपने बेटे की भी नहीं लेता, मैं इन सारों की जिम्मेदारी कैसे लूं?
चीफ सेक्रेटरी के लोलीपोप में फंसे राजेंद्र अग्रवाल
दूसरे चरण की वार्ता के विफल होने के बाद यमुनानगर के राजेंद्र अग्रवाल मौके पर रुके। उन्होंने कल शाम तक का एसएस प्रसाद से समय मांगा। प्रसाद ने कहा कि जब तुम किसी को मना ही नहीं सकते तो प्रधान कैसे हो? राजेंद्र ने कहा कि मैं अब प्रधान नहीं हूं। इस पर प्रसाद ने कहा कि तुमने मेरी और सीएम साहब की क्या इज्जत रखी? अब तुम सीएम के पास क्या मुंह लेकर जाओगे? तुमने तो हमारी एक नहीं रखी। इस पर वे काफी देर तक वहीं खड़े सोचते रहे। लेकिन बाद में जब राइस मिलर्स एसो. ने उनकी इस कार्रवाई पर विरोध किया तो उन्होंने कहा कि वह तो राइस मिलर्स के साथ ही हैं। यही बात कैथल के राइस मिलर्स ने भी कही।
हम सभी ने एकजुट होकर निर्णय ले लिया है। अब हम सरकारी धान का एक दाना भी नहीं खरीदेंगे। जब तक की हमारी तीन मांग नहीं मानी जाती।
जयपाल जैन, कार्यकारी प्रदेशाध्यक्ष, हरियाणा राइस मिलर्स एंड डिलर्स एसो.